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शूटरों की पहुंच से दूर आदमखोर गुलदार
Updated Mon, 25 Jun 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रायवाला।
रायवाला क्षेत्र में आदमखोर गुलदार शूटर की पहुंच से अब भी दूर है। पार्क प्रशासन के गुलदार को शूट करने की तमाम योजनाएं अब तक फेल साबित हुई हैं। राजाजी नेशनल टाइगर रिजर्व पार्क की मोतीचूर रेंज सीमा से सटे रायवाला गांव में गुलदार के हमले की घटना पहली बार 28 मार्च-2014 को हुई थी, इसके बाद से गुलदार द्वारा मानवीय शिकार की घटनाएं अब तक थमी नहीं हैं। करीब सवा चार साल के अंदर क्षेत्र में गुलदार अब तक 20 लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। लगातार बढ़ती वारदातों के बाद जनता के आक्रोश के दबाव में आकर आला अधिकारियों ने आदमखोर को शूट करने के आदेश जारी करने पड़े।
महकमा अब तक आदमखोर को मारने की बात तो दूर कहीं भी उसकी एक झलक तक नहीं देख पाया। शातिर गुलदार की तलाश में जुटी राजाजी प्रशासन की टीमें अतिरिक्त विभाग व शूटरों की टीम राजाजी के जंगल की खाक छान चुकी हैं मगर टीम को आज तक गुलदार कहीं नजर नहीं आया है। उधर, राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक सनातन सोनकर ने इसे चुनौती माना है। उन्होंने बताया कि रोजाना 32 कैमरों, पिंजरों और हाथी से कांबिग कर आदमखोर को पकड़ने के लिए टीमें जुटी हुई हैं।
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रायवाला क्षेत्र में आदमखोर गुलदार शूटर की पहुंच से अब भी दूर है। पार्क प्रशासन के गुलदार को शूट करने की तमाम योजनाएं अब तक फेल साबित हुई हैं। राजाजी नेशनल टाइगर रिजर्व पार्क की मोतीचूर रेंज सीमा से सटे रायवाला गांव में गुलदार के हमले की घटना पहली बार 28 मार्च-2014 को हुई थी, इसके बाद से गुलदार द्वारा मानवीय शिकार की घटनाएं अब तक थमी नहीं हैं। करीब सवा चार साल के अंदर क्षेत्र में गुलदार अब तक 20 लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। लगातार बढ़ती वारदातों के बाद जनता के आक्रोश के दबाव में आकर आला अधिकारियों ने आदमखोर को शूट करने के आदेश जारी करने पड़े।
महकमा अब तक आदमखोर को मारने की बात तो दूर कहीं भी उसकी एक झलक तक नहीं देख पाया। शातिर गुलदार की तलाश में जुटी राजाजी प्रशासन की टीमें अतिरिक्त विभाग व शूटरों की टीम राजाजी के जंगल की खाक छान चुकी हैं मगर टीम को आज तक गुलदार कहीं नजर नहीं आया है। उधर, राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक सनातन सोनकर ने इसे चुनौती माना है। उन्होंने बताया कि रोजाना 32 कैमरों, पिंजरों और हाथी से कांबिग कर आदमखोर को पकड़ने के लिए टीमें जुटी हुई हैं।
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