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फल्दाकोट में मनरेगा कार्यों में अनियमितताओं की जांच के आदेश
Updated Mon, 25 Jun 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
हाईकोर्ट ने यमकेश्वर विकासखंड अंतर्गत ग्राम फल्दाकोट में मनरेगा कार्यों में अनियमितताओं का संज्ञान लिया है। न्यायालय की एकलपीठ ने स्थानीय ग्रामीण की याचिका पर सुनवाई के बाद लोकपाल मनरेगा को तीन सप्ताह में मामले की जांच कर उचित कार्रवाई के आदेश दिए हैं। ग्रामसभा फल्दाकोट के खंड ग्राम भिल्डुंगा निवासी रविंद्र कुमार जुगलाण ने बीते वर्ष 2014 में ग्रामसभा में मनरेगा कार्यों में सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत संबंधित अधिकारियों व पंचायत प्रतिनिधियों से की थी, लेकिन सुनवाई नहीं की गई।
उन्होंने वर्ष 2017 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की जांच और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। याचिका में उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव और लोकपाल मनरेगा पौड़ी समेत 10 अधिकारियों को पक्षकार बनाया। जुगलाण के मुताबिक हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिका सुनवाई की। न्यायाधीश सुधांशु धूलिया ने आदेश जारी कर लोकपाल मनरेगा पौड़ी को तीन सप्ताह में मामले की जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। साथ ही न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के लिए कहा है।
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हाईकोर्ट ने यमकेश्वर विकासखंड अंतर्गत ग्राम फल्दाकोट में मनरेगा कार्यों में अनियमितताओं का संज्ञान लिया है। न्यायालय की एकलपीठ ने स्थानीय ग्रामीण की याचिका पर सुनवाई के बाद लोकपाल मनरेगा को तीन सप्ताह में मामले की जांच कर उचित कार्रवाई के आदेश दिए हैं। ग्रामसभा फल्दाकोट के खंड ग्राम भिल्डुंगा निवासी रविंद्र कुमार जुगलाण ने बीते वर्ष 2014 में ग्रामसभा में मनरेगा कार्यों में सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत संबंधित अधिकारियों व पंचायत प्रतिनिधियों से की थी, लेकिन सुनवाई नहीं की गई।
उन्होंने वर्ष 2017 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की जांच और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। याचिका में उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव और लोकपाल मनरेगा पौड़ी समेत 10 अधिकारियों को पक्षकार बनाया। जुगलाण के मुताबिक हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिका सुनवाई की। न्यायाधीश सुधांशु धूलिया ने आदेश जारी कर लोकपाल मनरेगा पौड़ी को तीन सप्ताह में मामले की जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। साथ ही न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के लिए कहा है।
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