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स्वछता सर्वेक्षण में नगर पालिका गोपेश्वर ने पाई आठवीं रैंकिंग
Updated Sun, 24 Jun 2018 10:36 PM IST
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गोपेश्वर। शहरी विकास मंत्रालय की ओर से जारी स्वच्छता सर्वे-2018 में एक लाख से कम आबादी वाले नगरों में गोपेश्वर ने नार्थ जोन के छह राज्यों में आठवां स्थान हासिल किया है, जबकि उत्तराखंड राज्य में तीसरा स्थान मिला है।
नगर पालिका गोपेश्वर-चमोली वर्ष 1968 में अस्तित्व में आई थी। गोपेश्वर पालिका की आबादी मौजूदा समय में करीब चालीस हजार है। नगर में साफ-सफाई के लिए पालिका की ओर से सात कूड़ा वाहनों का इंतजाम किया गया है।
निवर्तमान पालिकाध्यक्ष संदीप रावत ने कहा कि स्वच्छता को लेकर स्थानीय लोगों का पूरा सहयोग लिया जा रहा है। वर्ष 2013 में गोपेश्वर पालिका प्रशासन द्वारा नगर में पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था। नगर को हरा-भरा रखने के लिए सड़कों के किनारे पौधरोपण किया गया है। जगह-जगह कूड़ेदान की व्यवस्था की गई है। आम लोगों के साथ ही यहां पहुंच रहे सैलानियों और तीर्थयात्रियों से भी लाउडस्पीकर के जरिए नगर को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की जाती है।
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नगर पालिका गोपेश्वर-चमोली वर्ष 1968 में अस्तित्व में आई थी। गोपेश्वर पालिका की आबादी मौजूदा समय में करीब चालीस हजार है। नगर में साफ-सफाई के लिए पालिका की ओर से सात कूड़ा वाहनों का इंतजाम किया गया है।
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निवर्तमान पालिकाध्यक्ष संदीप रावत ने कहा कि स्वच्छता को लेकर स्थानीय लोगों का पूरा सहयोग लिया जा रहा है। वर्ष 2013 में गोपेश्वर पालिका प्रशासन द्वारा नगर में पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था। नगर को हरा-भरा रखने के लिए सड़कों के किनारे पौधरोपण किया गया है। जगह-जगह कूड़ेदान की व्यवस्था की गई है। आम लोगों के साथ ही यहां पहुंच रहे सैलानियों और तीर्थयात्रियों से भी लाउडस्पीकर के जरिए नगर को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की जाती है।
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