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वीसी दरवान सिंह नेगी का गांव कफारतीर में गूंजा सेना के वाद्य यंत्रों के मधुर ध्वनि से
Updated Sun, 24 Jun 2018 10:36 PM IST
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नारायणबगड़। विक्टोरिया क्रॉस नायक दरवान सिंह नेगी की 68वीं पुण्य तिथि पर उनके पैतृक गांव कफारतीर में रविवार को सेना, प्रशासन और ग्रामीणों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। 9 माउंटेन ब्रिगेड जोशीमठ के सेना के अधिकारियों, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने वीसी दरवान सिंह को याद किया। इस दौरान सेना के जवानों के वाद्य यंत्रों की मधुर धुन से पूरा कफारतीर गांव गूंज उठा।
वार मेमोरियल शताब्दी समारोह के संयोजक रिपुदमन सिंह रावत ने कहा कि वर्ष 1914 के प्रथम विश्व युद्ध में घायल होने के बाद भी वीसी दरवान सिंह ने अदम्य साहस का परिचय दिया था। उनकी वीरता से प्रभावित होकर पांच दिसंबर 1914 को ब्रिटिश सरकार ने उन्हें सबसे बड़े सम्मान विक्टोरिया क्रॉस से नवाजा और गवर्नर जार्ज पंचम ने उनकी वीरता से प्रभावित होकर वीसी दरवान सिंह नेगी की मांग पर कर्णप्रयाग में अंग्रेजी माध्यम का विद्यालय और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के निर्माण की स्वीकृति दी थी।
ग्राम प्रधान दुर्गा देवी ने कहा कि वीसी दरवान सिंह नेगी की स्मृति में राज्य सरकार को प्रतिवर्ष उनकी पुण्यतिथि पर मेले का आयोजन करना चाहिए। 9 मांउटेन ब्रिगेड जोशीमठ के कैप्टन अखिल ने कहा कि वीसी दरवान सिंह नेगी की वीरता से आज पूरा देश उनको नमन कर रहा है। उप जिलाधिकारी थराली रोहित मीणा ने वीसी दरवान सिंह नेगी की स्मृति में पौधरोपण कर पर्यावरण को संरक्षित करने का आह्वान किया।
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इस दौरान आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविर में ग्रामीणों ने सड़क, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, बाल विकास, मनरेगा, सड़क, विद्युत सहित अन्य विभागों की 60 समस्याएं रखीं। इनमें 45 समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया। सेना की ओर से आयोजित स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सकों ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर नि:शुल्क दवाई वितरित की गई। इस मौके पर बीडीओ केएस मेहरा, कर्नल डीएस बर्तवाल, सुदर्शन सिंह कठैत, पूर्व विधायक डा. जीतराम, सुभाष गैरोला, गंभीर सिंह मिंगवाल, रघुनाथ सिंह नेगी आदि मौजूद थे। वॉर मेमोरियल जीआईसी कर्णप्रयाग में समिति के महासचिव भुवन नौटियाल के नेतृत्व में शिक्षकों ने नायक दरवान सिंह नेगी को श्रद्धांजलि दी गई।
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वार मेमोरियल शताब्दी समारोह के संयोजक रिपुदमन सिंह रावत ने कहा कि वर्ष 1914 के प्रथम विश्व युद्ध में घायल होने के बाद भी वीसी दरवान सिंह ने अदम्य साहस का परिचय दिया था। उनकी वीरता से प्रभावित होकर पांच दिसंबर 1914 को ब्रिटिश सरकार ने उन्हें सबसे बड़े सम्मान विक्टोरिया क्रॉस से नवाजा और गवर्नर जार्ज पंचम ने उनकी वीरता से प्रभावित होकर वीसी दरवान सिंह नेगी की मांग पर कर्णप्रयाग में अंग्रेजी माध्यम का विद्यालय और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के निर्माण की स्वीकृति दी थी।
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ग्राम प्रधान दुर्गा देवी ने कहा कि वीसी दरवान सिंह नेगी की स्मृति में राज्य सरकार को प्रतिवर्ष उनकी पुण्यतिथि पर मेले का आयोजन करना चाहिए। 9 मांउटेन ब्रिगेड जोशीमठ के कैप्टन अखिल ने कहा कि वीसी दरवान सिंह नेगी की वीरता से आज पूरा देश उनको नमन कर रहा है। उप जिलाधिकारी थराली रोहित मीणा ने वीसी दरवान सिंह नेगी की स्मृति में पौधरोपण कर पर्यावरण को संरक्षित करने का आह्वान किया।
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इस दौरान आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविर में ग्रामीणों ने सड़क, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, बाल विकास, मनरेगा, सड़क, विद्युत सहित अन्य विभागों की 60 समस्याएं रखीं। इनमें 45 समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया। सेना की ओर से आयोजित स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सकों ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर नि:शुल्क दवाई वितरित की गई। इस मौके पर बीडीओ केएस मेहरा, कर्नल डीएस बर्तवाल, सुदर्शन सिंह कठैत, पूर्व विधायक डा. जीतराम, सुभाष गैरोला, गंभीर सिंह मिंगवाल, रघुनाथ सिंह नेगी आदि मौजूद थे। वॉर मेमोरियल जीआईसी कर्णप्रयाग में समिति के महासचिव भुवन नौटियाल के नेतृत्व में शिक्षकों ने नायक दरवान सिंह नेगी को श्रद्धांजलि दी गई।