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मॉक ड्रिल: आपदा प्रबंधन दल में दिखी तालमेल की कमी
Updated Wed, 20 Jun 2018 10:56 PM IST
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गैरसैंण। तहसील में आपदा राहत एवं बचाव के लिए मॉक ड्रिल किया गया। इस दौरान आपदा राहत एवं बचाव दल में जहां तालमेल की कमी दिखी वहीं कई उपकरण चले ही नहीं। अस्पताल में ब्लड बैंक भी नहीं मिला।
मॉकड्रिल के दौरान तहसील के अलग-अलग स्थानों श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम (एसबीएमए), आगरचट्टी, सलियाणा बैंड, मरोड़ा में आपदा की सूचनाएं मिली। सबसे पहले एसबीएमए के पास आग में एक व्यक्ति के झुलसने की सूचना मिली। तुरंत रेसक्यू शुरू किया गया लेकिन इस दौरान आग बुझाने उपकरण ने काम ही नहीं किया। घटनास्थल पर चार उपकरण ले जाए जाने थे, लेकिन टीम एक ही उपकरण ले गई। राहत और बचाव दल ने आग से झुलसे व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद सलियाणा बैंड के पास भूस्खलन से सड़क मार्ग बाधित और यात्रियों के फंसे होने की सूचना पर जेसीबी से मार्ग खोल दिया गया, जबकि तीसरी घटना मरोड़ा गांव में भूकंप से तीन व्यक्ति घायल तथा चार मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर एंबुलेंस, पुलिस प्रशासन रवाना हुआ। घायलों को अस्पताल और बेघरों को राहत शिविर में पहुंचाया गया। वहीं आगरचट्टी में दो लोगों के खाई में गिरने की सूचना पर पहुंची टीम ने लोगों को खाई से निकाला और अस्पताल पहुंचा। खाई में उतरे राहत टीम के कर्मियों के पास लाइफ जैकेट और हेलमेट का अभाव दिखा। यही नहीं बचाव के दौरान कई बार कर्मियों में तालमेल का अभाव भी दिखा। खाई में गिरे लोगों को जब अस्पताल पहुंचाया गया तो अस्पताल में ब्लड बैंक नहीं मिला। इस दौरान एसडीएम स्मृता परमार ने टीम को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मौके पर थानाध्यक्ष रविंद्र सिंह नेगी, खंड शिक्षा अधिकारी लखपत सिंह, राजेंद्र रावत, तहसीलदार दर्शन लाल मैठाणी, शांति प्रसाद डिमरी आदि मौजूद थे।
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गैरसैंण। तहसील में आपदा राहत एवं बचाव के लिए मॉक ड्रिल किया गया। इस दौरान आपदा राहत एवं बचाव दल में जहां तालमेल की कमी दिखी वहीं कई उपकरण चले ही नहीं। अस्पताल में ब्लड बैंक भी नहीं मिला।
मॉकड्रिल के दौरान तहसील के अलग-अलग स्थानों श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम (एसबीएमए), आगरचट्टी, सलियाणा बैंड, मरोड़ा में आपदा की सूचनाएं मिली। सबसे पहले एसबीएमए के पास आग में एक व्यक्ति के झुलसने की सूचना मिली। तुरंत रेसक्यू शुरू किया गया लेकिन इस दौरान आग बुझाने उपकरण ने काम ही नहीं किया। घटनास्थल पर चार उपकरण ले जाए जाने थे, लेकिन टीम एक ही उपकरण ले गई। राहत और बचाव दल ने आग से झुलसे व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद सलियाणा बैंड के पास भूस्खलन से सड़क मार्ग बाधित और यात्रियों के फंसे होने की सूचना पर जेसीबी से मार्ग खोल दिया गया, जबकि तीसरी घटना मरोड़ा गांव में भूकंप से तीन व्यक्ति घायल तथा चार मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर एंबुलेंस, पुलिस प्रशासन रवाना हुआ। घायलों को अस्पताल और बेघरों को राहत शिविर में पहुंचाया गया। वहीं आगरचट्टी में दो लोगों के खाई में गिरने की सूचना पर पहुंची टीम ने लोगों को खाई से निकाला और अस्पताल पहुंचा। खाई में उतरे राहत टीम के कर्मियों के पास लाइफ जैकेट और हेलमेट का अभाव दिखा। यही नहीं बचाव के दौरान कई बार कर्मियों में तालमेल का अभाव भी दिखा। खाई में गिरे लोगों को जब अस्पताल पहुंचाया गया तो अस्पताल में ब्लड बैंक नहीं मिला। इस दौरान एसडीएम स्मृता परमार ने टीम को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मौके पर थानाध्यक्ष रविंद्र सिंह नेगी, खंड शिक्षा अधिकारी लखपत सिंह, राजेंद्र रावत, तहसीलदार दर्शन लाल मैठाणी, शांति प्रसाद डिमरी आदि मौजूद थे।
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