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छात्राएं और सेवा समिति की सदस्या बनी गंगा प्रहरी
Updated Wed, 20 Jun 2018 10:28 PM IST
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देवप्रयाग। जैव विविधता संरक्षण व गंगा जीर्णोद्धार कार्यक्रम में आईटीआई देवप्रयाग की छात्राओं और गोदावरी सेवा समिति की कार्यकत्रियों को भी गंगा प्रहरी के तौर पर शामिल कर लिया गया है।
बुधवार को आईटीआई परिसर में गंगा स्वच्छता कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें बताया गया कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन व भारतीय वन्य जीव संस्थान की ओर से जैव विविधता संरक्षण एवं गंगा जीर्णोद्धार कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत गंगा तटों पर निवास करने वाले समुदायों को गंगा संरक्षक /प्रहरी के रूप में शामिल किया जा रहा है। कार्यशाला में आईटीआई की 8 छात्राओं और 4 कार्यकत्रियों को गंगा प्रहरी का दायित्व दिया गया। इस मौके पर कार्यक्रम समन्वयक डा. दीपिका डोगरा ने गंगा की स्वच्छता और जीवों को बचाने में गंगा प्रहरी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गंगा जिन पांच राज्यों से होकर निकलती है, वहां स्वेच्छा से गंगा संरक्षण को आगे आने लोगों को गंगा प्रहरी का दायित्व दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंगा प्रहरियों से सीधे जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि गंगा तट के राज्यों के प्रत्येक पांच गांवों का एक कलस्टर बनेगा। वन्य जीव संस्थान की प्रतिनिधि अदिति देव व पूजा डागर ने आंकड़ों के माध्यम से गंगा प्रहरियों की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इस मौके पर क्षेत्रीय गंगा प्रहरी अरविंद जियाल, लेखक सुनील पाठक, प्रशिक्षक मधु पंडित, अरविंद कुमार, बलवंत सिंह, संध्या, पूजा डोभाल, एकता पांडे, गौरी कोटियाल, स्वाति डबराल, रिंकी, मनीषा, नेहा, शीला व शीतल आदि मौजूद थे।
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बुधवार को आईटीआई परिसर में गंगा स्वच्छता कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें बताया गया कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन व भारतीय वन्य जीव संस्थान की ओर से जैव विविधता संरक्षण एवं गंगा जीर्णोद्धार कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत गंगा तटों पर निवास करने वाले समुदायों को गंगा संरक्षक /प्रहरी के रूप में शामिल किया जा रहा है। कार्यशाला में आईटीआई की 8 छात्राओं और 4 कार्यकत्रियों को गंगा प्रहरी का दायित्व दिया गया। इस मौके पर कार्यक्रम समन्वयक डा. दीपिका डोगरा ने गंगा की स्वच्छता और जीवों को बचाने में गंगा प्रहरी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गंगा जिन पांच राज्यों से होकर निकलती है, वहां स्वेच्छा से गंगा संरक्षण को आगे आने लोगों को गंगा प्रहरी का दायित्व दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंगा प्रहरियों से सीधे जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि गंगा तट के राज्यों के प्रत्येक पांच गांवों का एक कलस्टर बनेगा। वन्य जीव संस्थान की प्रतिनिधि अदिति देव व पूजा डागर ने आंकड़ों के माध्यम से गंगा प्रहरियों की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इस मौके पर क्षेत्रीय गंगा प्रहरी अरविंद जियाल, लेखक सुनील पाठक, प्रशिक्षक मधु पंडित, अरविंद कुमार, बलवंत सिंह, संध्या, पूजा डोभाल, एकता पांडे, गौरी कोटियाल, स्वाति डबराल, रिंकी, मनीषा, नेहा, शीला व शीतल आदि मौजूद थे।
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