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डीएम के आदेश पर भी नहीं पहुंचा कुजासू गांव में पानी
Updated Tue, 19 Jun 2018 10:32 PM IST
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पोखरी। ग्राम पंचायत कुजासू को पोखरी पुनर्गठन पेयजल योजना का लाभ न देने से ग्रामीणों में आक्रोश बना है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पेयजल किल्लत होने से ग्रामीणों को दो किलोमीटर दूर से पीने के पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने पोखरी पुनर्गठन पेयजल योजना का लाभ न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
कुजासू गांव में मौजूदा समय में 150 परिवार रहते हैं। प्रधान शिवराज राणा, हर्षवर्द्धन चौहान, पूर्व प्रधान दीपा देवी, सुशील सिंह और सुदर्शन राणा का कहना है कि गांव में प्राकृतिक पेयजल स्रोत न होने से पेयजल संकट बना है। ग्रामीणों को स्वयं व अपने मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था करना मुश्किल बना है। विगत वर्ष पेयजल समस्या को देखते हुए डीएम आशीष जोशी ने गांव को पोखरी पेयजल योजना से जोड़ने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस बनी है। इधर, जल निगम के ईई वीके जैन का कहना है कि कुजासू गांव के लिए करीब दो किलोमीटर पेयजल लाइन का निर्माण होना है, लेकिन वन भूमि हस्तांतरण की अड़चन के कारण गांव तक पानी नहीं पहुंचा पा रहा है। वन भूमि का मामला सुलझने के बाद ही गांव तक पानी पहुंचाया जा सकता है। फिलहाल पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
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कुजासू गांव में मौजूदा समय में 150 परिवार रहते हैं। प्रधान शिवराज राणा, हर्षवर्द्धन चौहान, पूर्व प्रधान दीपा देवी, सुशील सिंह और सुदर्शन राणा का कहना है कि गांव में प्राकृतिक पेयजल स्रोत न होने से पेयजल संकट बना है। ग्रामीणों को स्वयं व अपने मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था करना मुश्किल बना है। विगत वर्ष पेयजल समस्या को देखते हुए डीएम आशीष जोशी ने गांव को पोखरी पेयजल योजना से जोड़ने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस बनी है। इधर, जल निगम के ईई वीके जैन का कहना है कि कुजासू गांव के लिए करीब दो किलोमीटर पेयजल लाइन का निर्माण होना है, लेकिन वन भूमि हस्तांतरण की अड़चन के कारण गांव तक पानी नहीं पहुंचा पा रहा है। वन भूमि का मामला सुलझने के बाद ही गांव तक पानी पहुंचाया जा सकता है। फिलहाल पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
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