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कीर्तिनगर के एक दर्जन व देवप्रयाग के तीन तोकों के विद्युतिकरण की प्रक्रिया शुरू
Updated Mon, 18 Jun 2018 10:40 PM IST
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श्रीनगर। वर्षों से लैंप के सहारे रात गुजारने वाले ग्रामीणों के लिए दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना वरदान साबित होने वाली है। इसी के तहत विकास खंड कीर्तिनगर के 12 गांव व देवप्रयाग के तीन तोक शीघ्र ही बिजली से जगमग होंगे। विभाग की ओर से यहां विद्युतीकरण के लिए सामग्री भी अवमुक्त की गई है। शीघ्र ही विद्युतीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
विकास खंड कीर्तिनगर के लोस्तु बडियारगढ़ क्षेत्र का खोडियाल, संगला, कमरगढ, दलकमेड़ा व डागर क्षेत्र का दल्ला, कौरना, सुमाड़ी, बागड़ी, खाणदू, खांड, सिल्का तथा ग्राम पंचायत मुंडोली का सिमली आदि तोकों की करीब एक हजार से भी अधिक की आबादी वर्षों से बिजली का इंतजार कर रही। जबकि विकास खंड देवप्रयाग के घराट, मरोड़ा व बाडियों आदि तोकों के लोग भी लैंप के सहारे राते गुजार रहे थे। ग्रामीण सुरेश सिंह, मकान सिंह, पूर्व प्रधान राकेश बत्र्वाल, गंभीर सिंह आदि का कहना है कि ग्रामीणों को मोबाइल की बैटरी चार्ज के लिए करीब एक किमी दूर दूसरे गांव जाना पड़ता है। कहा कि ग्रामीण वर्षों से गांव में बिजली पहुंचाने की मांग कर रहे है, लेकिन उनकी मांग को अनदेखा किया जा रहा है। दूसरी ओर विभाग के अधिशासी अभियंता एसके सहगल ने बताया कि उक्त तोकों के विद्युतीकरण के लिए सामग्री पहुंचाने का काम शुरू हो चुका है। अगर सब कुछ सही रहा तो अक्टूबर तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर दिया जाएगा।
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विकास खंड कीर्तिनगर के लोस्तु बडियारगढ़ क्षेत्र का खोडियाल, संगला, कमरगढ, दलकमेड़ा व डागर क्षेत्र का दल्ला, कौरना, सुमाड़ी, बागड़ी, खाणदू, खांड, सिल्का तथा ग्राम पंचायत मुंडोली का सिमली आदि तोकों की करीब एक हजार से भी अधिक की आबादी वर्षों से बिजली का इंतजार कर रही। जबकि विकास खंड देवप्रयाग के घराट, मरोड़ा व बाडियों आदि तोकों के लोग भी लैंप के सहारे राते गुजार रहे थे। ग्रामीण सुरेश सिंह, मकान सिंह, पूर्व प्रधान राकेश बत्र्वाल, गंभीर सिंह आदि का कहना है कि ग्रामीणों को मोबाइल की बैटरी चार्ज के लिए करीब एक किमी दूर दूसरे गांव जाना पड़ता है। कहा कि ग्रामीण वर्षों से गांव में बिजली पहुंचाने की मांग कर रहे है, लेकिन उनकी मांग को अनदेखा किया जा रहा है। दूसरी ओर विभाग के अधिशासी अभियंता एसके सहगल ने बताया कि उक्त तोकों के विद्युतीकरण के लिए सामग्री पहुंचाने का काम शुरू हो चुका है। अगर सब कुछ सही रहा तो अक्टूबर तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर दिया जाएगा।
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