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जोशीमठ क्षेत्र में वैज्ञानिक कृषिकरण पर दिया जोर
Updated Mon, 18 Jun 2018 10:28 PM IST
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जोशीमठ। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) और रुद्र हिमालयन जन जागृति समिति की ओर से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक रूप से कृषिकरण पर जोर दिया।
औली में आयोजित कार्यशाला में नीती, माणा, मलारी, उर्गम, सलूड़, डुंगरा, तपोवन, बड़ागांव, पांडुकेश्वर, पैनी, सुनील, हेलंग, भ्यूंडार, चांई गांवों के काश्तकारों ने प्रतिभाग किया। यूकॉस्ट के महानिदेशक डा. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि सीमांत जोशीमठ क्षेत्र जैव विविधता से भरा हुआ है। काश्तकारों की आय को दोगुना करने के लिए वैज्ञानिक कृषिकरण पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जोशीमठ और आसपास के गांवों में नई तकनीक से कृषिकरण के लिए मूल्यांकन किया जाएगा और काश्तकारों को जागरूक किया जाएगा। पूर्व पालिकाध्यक्ष रामकिशन सिंह रावत ने कहा कि अधिकाधिक ग्रामीणों को कृषिकरण से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराए जाएं, इससे सीमांत क्षेत्र से पलायन पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजया रावत, खंड विकास अधिकारी रमेश चंद्र, रुद्र हिमालयन जन जागृति समिति के अध्यक्ष मनोज पुंडीर, सचिव नितिश नेगी, कृषि वैज्ञानिक डा. आशुतोष मिश्रा, डा. पीयूष जोशी और निर्मल चमोली आदि मौजूद थे।
औली में आयोजित कार्यशाला में नीती, माणा, मलारी, उर्गम, सलूड़, डुंगरा, तपोवन, बड़ागांव, पांडुकेश्वर, पैनी, सुनील, हेलंग, भ्यूंडार, चांई गांवों के काश्तकारों ने प्रतिभाग किया। यूकॉस्ट के महानिदेशक डा. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि सीमांत जोशीमठ क्षेत्र जैव विविधता से भरा हुआ है। काश्तकारों की आय को दोगुना करने के लिए वैज्ञानिक कृषिकरण पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जोशीमठ और आसपास के गांवों में नई तकनीक से कृषिकरण के लिए मूल्यांकन किया जाएगा और काश्तकारों को जागरूक किया जाएगा। पूर्व पालिकाध्यक्ष रामकिशन सिंह रावत ने कहा कि अधिकाधिक ग्रामीणों को कृषिकरण से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराए जाएं, इससे सीमांत क्षेत्र से पलायन पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजया रावत, खंड विकास अधिकारी रमेश चंद्र, रुद्र हिमालयन जन जागृति समिति के अध्यक्ष मनोज पुंडीर, सचिव नितिश नेगी, कृषि वैज्ञानिक डा. आशुतोष मिश्रा, डा. पीयूष जोशी और निर्मल चमोली आदि मौजूद थे।
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