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डिम्मर, रतूड़ा और उतरों गांवों में आयोजित महा पुराणों में उमड़ा आस्था कार्सलाब
Updated Fri, 15 Jun 2018 10:44 PM IST
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कर्णप्रयाग। ब्लाक के डिम्मर, उत्तरों और रतूड़ा गांवों में श्रीमद्भागवत और श्रीमद्देवी भागवत कथा का आयोजन हो रहा है।
डिम्मर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन आचार्य अंकित कोठियाल ने राजा परीक्षित की कथा का वर्णन किया। वहीं रतूड़ा गांव में श्रीमद्भागवत कथा के व्यास विजयराम डिमरी ने कहा कि हरि विष्णु के स्मरण मात्र से सभी सांसारिक कष्ट दूर हो जाते हैं। इस दौरान उत्तराखंड शासन के सचिव विनोद रतूड़ी, विद्यादत्त रतूड़ी, अनुसूया प्रसाद आदि मौजूद थे। वहीं उत्तरों गांव के पौराणिक उमा देवी मंदिर में आयोजित श्रीमद्देवी भागवत के दूसरे दिन आचार्य सुरेंद्र कोठियाल ने नव दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां चंद्रघंटा देवी की कथा का वर्णन किया। इस अवसर पर, अंकित डिमरी, अनुसूया प्रसाद कोठियाल, बल्लभ प्रसाद डिमरी, गजेंद्र प्रसाद, रामप्रसाद, लक्ष्मी प्रसाद, भरत सिंह, मनोज असवाल, शिशुपाल सिंह, सतीश चंद्र, जगदीश प्रसाद और ताजबर नेगी आदि मौजूद थे।
डिम्मर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन आचार्य अंकित कोठियाल ने राजा परीक्षित की कथा का वर्णन किया। वहीं रतूड़ा गांव में श्रीमद्भागवत कथा के व्यास विजयराम डिमरी ने कहा कि हरि विष्णु के स्मरण मात्र से सभी सांसारिक कष्ट दूर हो जाते हैं। इस दौरान उत्तराखंड शासन के सचिव विनोद रतूड़ी, विद्यादत्त रतूड़ी, अनुसूया प्रसाद आदि मौजूद थे। वहीं उत्तरों गांव के पौराणिक उमा देवी मंदिर में आयोजित श्रीमद्देवी भागवत के दूसरे दिन आचार्य सुरेंद्र कोठियाल ने नव दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां चंद्रघंटा देवी की कथा का वर्णन किया। इस अवसर पर, अंकित डिमरी, अनुसूया प्रसाद कोठियाल, बल्लभ प्रसाद डिमरी, गजेंद्र प्रसाद, रामप्रसाद, लक्ष्मी प्रसाद, भरत सिंह, मनोज असवाल, शिशुपाल सिंह, सतीश चंद्र, जगदीश प्रसाद और ताजबर नेगी आदि मौजूद थे।