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चालदा महाराज की कोटा तपलाड़ में प्रवेश की तैयारियां पूरी
Updated Fri, 15 Jun 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
चालदा महाराज की देव पालकी के कोटा तपलाड़ स्थित मंदिर में प्रवेश की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है। करीब 100 साल बाद 18 जून को देव पालकी गांव स्थित मंदिर में प्रवेश करेगी।
इससे पूर्व शुक्रवार को कोटा तपलाड़ गांव से सैकड़ों की संख्या में लोग देव पालकी को लेने के लिए नराया गांव प्रस्थान करेंगे। 16 जून को वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच देव पालकी को नराया स्थित मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकाला जाएगा। जिसके बाद तीन दिन की पैदल यात्रा के बाद देव पालकी 18 जून को कोटा तपलाड़ स्थित मंदिर में प्रवेश करेगी। पैदल यात्रा के प्रथम दिन 16 जून की रात्रि को यात्रा बिरमऊ में रात्रि विश्राम करेगी। जसके बाद 17 जून की रात को यात्रा का विश्राम रंगेऊ में होगा। इन तीन दिनों में यह देव यात्रा करीब 100 किमी का पैदल सफर तय करेगी। कोटा तपलाड़ के सदर स्याणा विजयपाल तोमर ने बताया कि जागड़े की तैयारी पूरी कर ली गई है। यात्रा में करीब 30-40 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। 18 जून को मंदिर में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।
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चालदा महाराज की देव पालकी के कोटा तपलाड़ स्थित मंदिर में प्रवेश की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है। करीब 100 साल बाद 18 जून को देव पालकी गांव स्थित मंदिर में प्रवेश करेगी।
इससे पूर्व शुक्रवार को कोटा तपलाड़ गांव से सैकड़ों की संख्या में लोग देव पालकी को लेने के लिए नराया गांव प्रस्थान करेंगे। 16 जून को वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच देव पालकी को नराया स्थित मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकाला जाएगा। जिसके बाद तीन दिन की पैदल यात्रा के बाद देव पालकी 18 जून को कोटा तपलाड़ स्थित मंदिर में प्रवेश करेगी। पैदल यात्रा के प्रथम दिन 16 जून की रात्रि को यात्रा बिरमऊ में रात्रि विश्राम करेगी। जसके बाद 17 जून की रात को यात्रा का विश्राम रंगेऊ में होगा। इन तीन दिनों में यह देव यात्रा करीब 100 किमी का पैदल सफर तय करेगी। कोटा तपलाड़ के सदर स्याणा विजयपाल तोमर ने बताया कि जागड़े की तैयारी पूरी कर ली गई है। यात्रा में करीब 30-40 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। 18 जून को मंदिर में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।
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