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सत्संग से मिलती है जीवन जीने की प्रेरणा
Updated Fri, 15 Jun 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश ।
कथावाचक महामाया प्रसाद शास्त्री ने कहा कि इस कलिकाल में मनुष्य क्षण भर के लिए भी भगवान का सच्चे मन से स्मरण कर ले, तो उसका यह लोक ही नहीं परलोक भी सुधर सकता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को संसार की बजाए भगवान से आसक्ति करनी चाहिए। देहरादून रोड स्थित व्यापार सभा भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ बृहस्पतिवार को विधिवत संपन्न हो गया। इस अवसर पर आयोजित यज्ञ में श्रद्धालुओं ने सुख, शांति व समृद्धि के लिए आहुतियां डाली।
इस दौरान कथा प्रवचन करते हुए कथावाचक महामाया प्रसाद शास्त्री ने भगवान की लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सत्संग के माध्यम से हम अपने नैतिक कर्म, मूल्यों व नैतिक विचारों को प्रकट कर सकते हैं। सत्संग से हमें जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। सत्संग से ही हम मर्यादा में रहना सीखते हैं। हमें अपने बच्चों को पुरस्कार की बजाए संस्कार देने का प्रयास करना चाहिए। यह तभी संभव है जब हम अपने परिवार के साथ मर्यादा में रहकर भगवान का स्मरण करें।
इस अवसर पर कथा व्यास महामाया प्रसाद शास्त्री के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने दून रोड स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज परिसर में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। धार्मिक अनुष्ठान में बैशाखी देवी, शूरवीर सिंह पंवार, जितेंद्र पंवार, हितेंद्र पंवार, बीना पंवार, ज्योति पंवार, मोनिका पंवार, राम चौबे, अभिषेक शर्मा, जयेंद्र रमोला, भगतराम कोठारी, दिनेश कोठारी, दिनेश सती, दीपक दरगन आदि शामिल हुुए।
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कथावाचक महामाया प्रसाद शास्त्री ने कहा कि इस कलिकाल में मनुष्य क्षण भर के लिए भी भगवान का सच्चे मन से स्मरण कर ले, तो उसका यह लोक ही नहीं परलोक भी सुधर सकता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को संसार की बजाए भगवान से आसक्ति करनी चाहिए। देहरादून रोड स्थित व्यापार सभा भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ बृहस्पतिवार को विधिवत संपन्न हो गया। इस अवसर पर आयोजित यज्ञ में श्रद्धालुओं ने सुख, शांति व समृद्धि के लिए आहुतियां डाली।
इस दौरान कथा प्रवचन करते हुए कथावाचक महामाया प्रसाद शास्त्री ने भगवान की लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सत्संग के माध्यम से हम अपने नैतिक कर्म, मूल्यों व नैतिक विचारों को प्रकट कर सकते हैं। सत्संग से हमें जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। सत्संग से ही हम मर्यादा में रहना सीखते हैं। हमें अपने बच्चों को पुरस्कार की बजाए संस्कार देने का प्रयास करना चाहिए। यह तभी संभव है जब हम अपने परिवार के साथ मर्यादा में रहकर भगवान का स्मरण करें।
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इस अवसर पर कथा व्यास महामाया प्रसाद शास्त्री के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने दून रोड स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज परिसर में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। धार्मिक अनुष्ठान में बैशाखी देवी, शूरवीर सिंह पंवार, जितेंद्र पंवार, हितेंद्र पंवार, बीना पंवार, ज्योति पंवार, मोनिका पंवार, राम चौबे, अभिषेक शर्मा, जयेंद्र रमोला, भगतराम कोठारी, दिनेश कोठारी, दिनेश सती, दीपक दरगन आदि शामिल हुुए।
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