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तीर्थनगरी में लगेगा ऑटोमेटिक वेदर सिस्टम
Updated Thu, 14 Jun 2018 01:56 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
बारिश, हवा और तापमान की ताजा जानकारी देने के लिए प्रदेश सरकार तीर्थनगरी में आटोमेटिक वेदर सिस्टम लगाने जा रही है। सिस्टम प्रदेश के 150 स्थानों पर लगाने की योजना है। आपदा प्रबंधन विभाग और राज्य मौसम विभाग के संयुक्त कार्यक्रम के तहत प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर आटोमेटिक वेदर सिस्टम स्थापित किए जाने हैं, जिसके लिए विश्व बैंक से वित्तीय सहायता ली जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग ने इसके लिए टेंडर कॉल कर दिए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद क्षेत्र में स्थान चिह्नित कर सिस्टम को लगाया जाएगा।
मौसम विभाग का कहना है कि दो से तीन माह के भीतर ऋषिकेश क्षेत्र में आटोमेटिक वेदर सिस्टम को लगाने का काम शुरू किया जा सकता है। विभाग के अनुसार आटोमेटिक वेदर सिस्टम में टावर पर हवा, वर्षा और तापमान की स्थिति जानने के लिए आधुनिक तकनीक से लैस उपकरण लगाए जाते हैं, जोकि मौसम विभाग के सिस्टम से लिंक होते हैं। बदलते मौसम और हवा समेत अन्य तमाम तरह की महत्वपूर्ण जानकारियां उपकरणों के माध्यम से विभाग को पल-पल में उपलब्ध होती रहेगी।
सिस्टम से यह होगा लाभ
ऋषिकेश का तापमान जानने के लिए फिलहाल लोगों को इंटरनेट का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन आटोमेटिक वेदर सिस्टम लगने से मौसम विभाग की वेबसाइट पर स्थानीय लोग ऋषिकेश और समीपवर्ती क्षेत्रों के सटीक तापमान आदि संबंधी जानकारी ले सकेंगे। आटोमेटिक वेदर सिस्टम महज हवा, वर्षा और तापमान की जानकारी तक ही सीमित नहीं है। इसका लाभ क्षेत्र में काश्तकारों को मौसम के अनुसार फसल उगाने के तौर पर भी मिलेगा। सरकार क्षेत्र में वातावरण के अनुसार विकास योजनाओं को सही अंजाम तक पहुंचा सकेगी।
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कोट्स
आपदा प्रबंधन विभाग आटोमेटिक वेदर सिस्टम का कार्य देख रहा है, जिसमें देखरेख का जिम्मा मौसम विभाग के पास है। करीब तीन माह बाद सिस्टम स्थापित करने का कार्य शुरू होने की संभावना है।
-बिक्रम सिंह, निदेशक, मौसम विभाग।
विश्व बैंक के सहयोग से यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जिसमें 150 आटोमेटिक वेदर सिस्टम प्रदेश के विभिन्न इलाकों में लगाए जाने हैं। इन स्थानों में ऋषिकेश भी शामिल है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद धरातल पर काम शुरू किया जाएगा।
- डॉ. पीयूष रौतेला, अधिशासी निदेशक, आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र।
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बारिश, हवा और तापमान की ताजा जानकारी देने के लिए प्रदेश सरकार तीर्थनगरी में आटोमेटिक वेदर सिस्टम लगाने जा रही है। सिस्टम प्रदेश के 150 स्थानों पर लगाने की योजना है। आपदा प्रबंधन विभाग और राज्य मौसम विभाग के संयुक्त कार्यक्रम के तहत प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर आटोमेटिक वेदर सिस्टम स्थापित किए जाने हैं, जिसके लिए विश्व बैंक से वित्तीय सहायता ली जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग ने इसके लिए टेंडर कॉल कर दिए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद क्षेत्र में स्थान चिह्नित कर सिस्टम को लगाया जाएगा।
मौसम विभाग का कहना है कि दो से तीन माह के भीतर ऋषिकेश क्षेत्र में आटोमेटिक वेदर सिस्टम को लगाने का काम शुरू किया जा सकता है। विभाग के अनुसार आटोमेटिक वेदर सिस्टम में टावर पर हवा, वर्षा और तापमान की स्थिति जानने के लिए आधुनिक तकनीक से लैस उपकरण लगाए जाते हैं, जोकि मौसम विभाग के सिस्टम से लिंक होते हैं। बदलते मौसम और हवा समेत अन्य तमाम तरह की महत्वपूर्ण जानकारियां उपकरणों के माध्यम से विभाग को पल-पल में उपलब्ध होती रहेगी।
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सिस्टम से यह होगा लाभ
ऋषिकेश का तापमान जानने के लिए फिलहाल लोगों को इंटरनेट का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन आटोमेटिक वेदर सिस्टम लगने से मौसम विभाग की वेबसाइट पर स्थानीय लोग ऋषिकेश और समीपवर्ती क्षेत्रों के सटीक तापमान आदि संबंधी जानकारी ले सकेंगे। आटोमेटिक वेदर सिस्टम महज हवा, वर्षा और तापमान की जानकारी तक ही सीमित नहीं है। इसका लाभ क्षेत्र में काश्तकारों को मौसम के अनुसार फसल उगाने के तौर पर भी मिलेगा। सरकार क्षेत्र में वातावरण के अनुसार विकास योजनाओं को सही अंजाम तक पहुंचा सकेगी।
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आपदा प्रबंधन विभाग आटोमेटिक वेदर सिस्टम का कार्य देख रहा है, जिसमें देखरेख का जिम्मा मौसम विभाग के पास है। करीब तीन माह बाद सिस्टम स्थापित करने का कार्य शुरू होने की संभावना है।
-बिक्रम सिंह, निदेशक, मौसम विभाग।
विश्व बैंक के सहयोग से यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जिसमें 150 आटोमेटिक वेदर सिस्टम प्रदेश के विभिन्न इलाकों में लगाए जाने हैं। इन स्थानों में ऋषिकेश भी शामिल है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद धरातल पर काम शुरू किया जाएगा।
- डॉ. पीयूष रौतेला, अधिशासी निदेशक, आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र।