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दिव्यांगों को शैक्षिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार : निशंक
Updated Wed, 13 Jun 2018 01:56 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला।
भारतीय पुनर्वास परिषद और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से समावेशी शिक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। हिमालयन आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज फतेहपुर में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए निशंक ने कहा कि सामान्य छात्र की भांति दिव्यांग छात्र को भी समान शिक्षा प्राप्ति के अवसर मिलने चाहिए। वर्तमान समय में प्रत्येक शिक्षक का समावेशी सिद्धांत को विस्तृत दृष्टिकोण में अपनी कक्षा में व्यवहार लाना जरूरी है। कहा कि दिव्यांग बच्चों को भी सामान्य बच्चों की तरह शैक्षिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार है।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नागेश्वर राव ने कहा कि हमारी शिक्षा सच्चे अर्थों में तभी सफल होगी जब हम दिव्यांगजनों को शिक्षा और सम्मान उचित प्रकार से देंगे। पाणी रख्यो आंदोलन के प्रणेता सच्चिदानंद भारती ने पानी को बचाने की अपील की है। इस दौरान नमामि गंगे से जुड़े लोगों को सम्मानित किया गया। कार्यशाला में यूओयू के एकेडमी कांउसलर सिद्धार्थ पोखरियाल, निधि बडथ्वाल, तनुजा पोखरियाल, रजनीन कुकरेती, डॉ. हेमचंद रयाल, अंनत मेहरा, सतीश चौहान, अनमोल, मीनाक्षी चौहान, आशीष सेमवाल, बंशीधर पोखरियाल, रविंद्र बैलवाल, राजकुंवर, रीता चमोली, कुसुम कंडवाल, विनय खत्री और नवीन पोखरियाल आदि मौजूद थे।
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भारतीय पुनर्वास परिषद और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से समावेशी शिक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। हिमालयन आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज फतेहपुर में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए निशंक ने कहा कि सामान्य छात्र की भांति दिव्यांग छात्र को भी समान शिक्षा प्राप्ति के अवसर मिलने चाहिए। वर्तमान समय में प्रत्येक शिक्षक का समावेशी सिद्धांत को विस्तृत दृष्टिकोण में अपनी कक्षा में व्यवहार लाना जरूरी है। कहा कि दिव्यांग बच्चों को भी सामान्य बच्चों की तरह शैक्षिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार है।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नागेश्वर राव ने कहा कि हमारी शिक्षा सच्चे अर्थों में तभी सफल होगी जब हम दिव्यांगजनों को शिक्षा और सम्मान उचित प्रकार से देंगे। पाणी रख्यो आंदोलन के प्रणेता सच्चिदानंद भारती ने पानी को बचाने की अपील की है। इस दौरान नमामि गंगे से जुड़े लोगों को सम्मानित किया गया। कार्यशाला में यूओयू के एकेडमी कांउसलर सिद्धार्थ पोखरियाल, निधि बडथ्वाल, तनुजा पोखरियाल, रजनीन कुकरेती, डॉ. हेमचंद रयाल, अंनत मेहरा, सतीश चौहान, अनमोल, मीनाक्षी चौहान, आशीष सेमवाल, बंशीधर पोखरियाल, रविंद्र बैलवाल, राजकुंवर, रीता चमोली, कुसुम कंडवाल, विनय खत्री और नवीन पोखरियाल आदि मौजूद थे।
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