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प्रशिक्षु शिक्षकों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
Updated Fri, 08 Jun 2018 02:19 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश ।
मॉडर्न इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी ढालवाला में 12 दिवसीय डीएलएड कार्यशाला के तहत प्रशिक्षु सेवारत शिक्षकों ने विभिन्न प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। इस दौरान कई प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। ढालवाला स्थित एमआईटी परिसर में कार्यशाला के पांचवें दिन संस्थान के सचिव एचजी जुयाल की अगुवाई में पर्यावरण जागरुकता के तहत पौधरोपण और उनके संरक्षण पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षु शिक्षकों ने नीम, बरगद, पीपल, गूलर, आम, जामुन और रुद्राक्ष आदि प्रजातियों के पौधों का रोपण किया।
प्रशिक्षु शिक्षकों ने रोपे गए पौधों को अपने पारिवारिक सदस्यों का नाम देकर उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर सचिव एचजी जुयाल ने कहा कि पर्यावरण के बदलते स्वरूप पर सभी को चिंतन करने की जरूरत है। इसके लिए हमें सरकारी प्रयासों व नीतियों पर निर्भर नहीं रहकर अपने स्तर से भी पर्यावरण के प्रति समर्पित होना होगा। इस मौके पर संस्थान के निदेशक रवि जुयाल व अनिरुद्ध जुयाल ने संयुक्त रूप से कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। कार्यशाला का संचालन डॉ. ज्योति जुयाल, एमएस रजा व रवि कुमार ने किया।
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मॉडर्न इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी ढालवाला में 12 दिवसीय डीएलएड कार्यशाला के तहत प्रशिक्षु सेवारत शिक्षकों ने विभिन्न प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। इस दौरान कई प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। ढालवाला स्थित एमआईटी परिसर में कार्यशाला के पांचवें दिन संस्थान के सचिव एचजी जुयाल की अगुवाई में पर्यावरण जागरुकता के तहत पौधरोपण और उनके संरक्षण पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षु शिक्षकों ने नीम, बरगद, पीपल, गूलर, आम, जामुन और रुद्राक्ष आदि प्रजातियों के पौधों का रोपण किया।
प्रशिक्षु शिक्षकों ने रोपे गए पौधों को अपने पारिवारिक सदस्यों का नाम देकर उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर सचिव एचजी जुयाल ने कहा कि पर्यावरण के बदलते स्वरूप पर सभी को चिंतन करने की जरूरत है। इसके लिए हमें सरकारी प्रयासों व नीतियों पर निर्भर नहीं रहकर अपने स्तर से भी पर्यावरण के प्रति समर्पित होना होगा। इस मौके पर संस्थान के निदेशक रवि जुयाल व अनिरुद्ध जुयाल ने संयुक्त रूप से कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। कार्यशाला का संचालन डॉ. ज्योति जुयाल, एमएस रजा व रवि कुमार ने किया।
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