{"_id":"5b1846364f1c1ba36e8b6a45","slug":"152831749810-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनरेगा के तहत होगा लैमनग्रास का उत्पादन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनरेगा के तहत होगा लैमनग्रास का उत्पादन
Updated Thu, 07 Jun 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
सगंध पौधा केंद्र सेलाकुई की ओर से ग्राम पंचायत भलेर में आयोजित कृषक गोष्ठी में काश्तकारों को लैमनग्रास, तेजपता उत्पादन की जानकारी दी गई। केंद्र के तकनीकी विशेषज्ञ महेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि मनरेगा योजना के तहत चालू सत्र में ग्राम पंचायत के नकोड़, फाशील, भलेर और कांडोई गांव में लैमनग्रास और तेजपत्ता की कृषि की जाएगी। लैमनग्राम की फसल एक बार बुवाई करने के बाद करीब पांच साल तक फसल देती है। इसका उत्पादन कर काश्तकार कम समय में ही मालामाल हो जाते हैं। अन्य फसलों की बुआई के लिए जहां अधिक सिंचाई की जरूरत होती है। वहीं लैमनग्रास और तेजपत्ता कम सिंचाई में भी पनप जाते हैं। इस मौके पर केशर सिंह, संसार सिंह, पूरनी देवी, प्रेम सिंह, मिगान सिंह, ममता रावत, राकेश सिंह रावत, इतेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, रानी देवी, सुशीला देवी, अनूप सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सगंध पौधा केंद्र सेलाकुई की ओर से ग्राम पंचायत भलेर में आयोजित कृषक गोष्ठी में काश्तकारों को लैमनग्रास, तेजपता उत्पादन की जानकारी दी गई। केंद्र के तकनीकी विशेषज्ञ महेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि मनरेगा योजना के तहत चालू सत्र में ग्राम पंचायत के नकोड़, फाशील, भलेर और कांडोई गांव में लैमनग्रास और तेजपत्ता की कृषि की जाएगी। लैमनग्राम की फसल एक बार बुवाई करने के बाद करीब पांच साल तक फसल देती है। इसका उत्पादन कर काश्तकार कम समय में ही मालामाल हो जाते हैं। अन्य फसलों की बुआई के लिए जहां अधिक सिंचाई की जरूरत होती है। वहीं लैमनग्रास और तेजपत्ता कम सिंचाई में भी पनप जाते हैं। इस मौके पर केशर सिंह, संसार सिंह, पूरनी देवी, प्रेम सिंह, मिगान सिंह, ममता रावत, राकेश सिंह रावत, इतेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, रानी देवी, सुशीला देवी, अनूप सिंह आदि मौजूद रहे।