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लीसा नरॉकालने वाले तीन मजदूर लापता, मलबे में दबे होने की आशंका-compat
Updated Wed, 06 Jun 2018 10:32 PM IST
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थराली। तहसील के पैनगढ़ में जंगलों में लीसा निकालने के काम में लगे तीन नेपाली मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है। बुधवार को पैनगढ़ पहुंची राजस्व पुलिस को मलबे में इंसान का पंजा दबा दिखा है। राजस्व पुलिस ने मजदूरों को निकालने के लिए एसडीआरएफ से मदद मांगी है।
राजस्व उपनिरीक्षक चंद्र सिंह बुटोला ने बताया कि दो दिन पहले सूचना मिली कि पैनगढ़ के जंगलों में लीसा निकालने वाले तीन नेपाली मजदूर एक जून से लापता हैं। इस पर लीसा मेट खिलाफ सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। मंगलवार शाम को ग्रामीणों ने सूचना दी कि पैनगढ़ के गदेरे में बरसात में आए मलबे से भारी दुर्गंध आ रही है। बुधवार को राजस्व पुलिस की टीम ने मौके का जायजा लिया तो मलबे में इंसान का पंजा दबा दिखाई दिया। बड़े बोल्डरों के होने से यहां मलबा नहीं हटाया जा सका है। मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका पर एसडीआरएफ से मदद मांगी गई है। बुटोला ने बताया कि गांव के जंगल में लीसा निकालने गए नेपाली मजदूरों ने दो डेरे बनाए हैं। एक जून को तीनों मजदूर गदेरे में नहाने के लिए गए, लेकिन डेरे में नहीं पहुंचे। काफी खोज के बाद भी उनका पता नहीं चला तो अन्य मजदूरों ने इसकी सूचना लीसा मेट को दी। बताया जा रहा कि एक जून की शाम को क्षेत्र में भारी बारिश और बज्रपात हुआ था, जिससे पैनगढ़ गदेरा उफान पर आ गया था। ऐसे में अंदेशा लगाया जा रहा है कि इस उफान में मजदूर बहकर मलबे में दब गए होंगे।
राजस्व उपनिरीक्षक चंद्र सिंह बुटोला ने बताया कि दो दिन पहले सूचना मिली कि पैनगढ़ के जंगलों में लीसा निकालने वाले तीन नेपाली मजदूर एक जून से लापता हैं। इस पर लीसा मेट खिलाफ सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। मंगलवार शाम को ग्रामीणों ने सूचना दी कि पैनगढ़ के गदेरे में बरसात में आए मलबे से भारी दुर्गंध आ रही है। बुधवार को राजस्व पुलिस की टीम ने मौके का जायजा लिया तो मलबे में इंसान का पंजा दबा दिखाई दिया। बड़े बोल्डरों के होने से यहां मलबा नहीं हटाया जा सका है। मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका पर एसडीआरएफ से मदद मांगी गई है। बुटोला ने बताया कि गांव के जंगल में लीसा निकालने गए नेपाली मजदूरों ने दो डेरे बनाए हैं। एक जून को तीनों मजदूर गदेरे में नहाने के लिए गए, लेकिन डेरे में नहीं पहुंचे। काफी खोज के बाद भी उनका पता नहीं चला तो अन्य मजदूरों ने इसकी सूचना लीसा मेट को दी। बताया जा रहा कि एक जून की शाम को क्षेत्र में भारी बारिश और बज्रपात हुआ था, जिससे पैनगढ़ गदेरा उफान पर आ गया था। ऐसे में अंदेशा लगाया जा रहा है कि इस उफान में मजदूर बहकर मलबे में दब गए होंगे।
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