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सड़क, शिक्षा और स्वास्स्थ्य के लिए अनशन पर ग्रामीण
Updated Tue, 05 Jun 2018 10:28 PM IST
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गैरसैंण। ब्लाक के दूरस्थ ग्राम पंचायत नैल और देवपुरी के 12 से अधिक तोकों के ग्रामीणों ने सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाओं को लेकर पत्थरकट्टा पंचायत घर में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन (भूख हड़ताल) शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि बीस सालों से गाजियाबाद-नैल-पत्थरकट्टा मार्ग निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन विभाग और सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
नैल और देवपुरी ग्राम पंचायत के 12 से अधिक तोकों के लोग मंगलवार सुबह पत्थरकट्टा पंचायत घर पर एकत्र हुए। यहां हुई सभा में ग्रामीणों ने कहा कि गाजियाबाद-नैल-पत्थरकट्टा मार्ग का निर्माण न होने से दोनों ग्राम पंचायतों की 6 हजार से अधिक की आबादी आज भी 9 किमी से अधिक पैदल चलने को मजबूर हैं। एक मात्र राजकीय इंटर कालेज में 350 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं, लेकिन विद्यालय में एक भी प्रवक्ता नहीं है। हाईस्कूल स्तर पर गणित और विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षक नहीं हैं। गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों को टीकाकरण के लिए तीस किमी दूर बछुवाबाण जाना पड़ता है। उन्होंने एएनएम सेंटर खोलने की मांग की। इसके बाद ग्रामीण रघुवीर सिंह रावत आमरण अनशन पर बैठे गए। कहा कि जब तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा। अनशन के समर्थन में खंसर विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह, संयोजक अवतार सिंह, कुंवर लाल, नैल की प्रधान हेमलता देवी, देवपुरी के कुंवर सिंह, जीआईसी के पीटीए अध्यक्ष आरएस रावत सहित कई ग्रामीण मौजूद थे। दूसरी ओर लोनिवि के अवर अभियंता रजत का कहना है कि गाजियाबाद से पत्थरकट्टा को जोड़ने वाली 4 किमी सड़क वर्ष 2015 से फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए केंद्र सरकार के पास अटकी हुई है, जबकि चार किमी से आगे 2 किमी सड़क जिला योजना में स्वीकृत है, जिसकी पत्रावलियां तैयार की जा रही हैं।
नैल और देवपुरी ग्राम पंचायत के 12 से अधिक तोकों के लोग मंगलवार सुबह पत्थरकट्टा पंचायत घर पर एकत्र हुए। यहां हुई सभा में ग्रामीणों ने कहा कि गाजियाबाद-नैल-पत्थरकट्टा मार्ग का निर्माण न होने से दोनों ग्राम पंचायतों की 6 हजार से अधिक की आबादी आज भी 9 किमी से अधिक पैदल चलने को मजबूर हैं। एक मात्र राजकीय इंटर कालेज में 350 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं, लेकिन विद्यालय में एक भी प्रवक्ता नहीं है। हाईस्कूल स्तर पर गणित और विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षक नहीं हैं। गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों को टीकाकरण के लिए तीस किमी दूर बछुवाबाण जाना पड़ता है। उन्होंने एएनएम सेंटर खोलने की मांग की। इसके बाद ग्रामीण रघुवीर सिंह रावत आमरण अनशन पर बैठे गए। कहा कि जब तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा। अनशन के समर्थन में खंसर विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह, संयोजक अवतार सिंह, कुंवर लाल, नैल की प्रधान हेमलता देवी, देवपुरी के कुंवर सिंह, जीआईसी के पीटीए अध्यक्ष आरएस रावत सहित कई ग्रामीण मौजूद थे। दूसरी ओर लोनिवि के अवर अभियंता रजत का कहना है कि गाजियाबाद से पत्थरकट्टा को जोड़ने वाली 4 किमी सड़क वर्ष 2015 से फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए केंद्र सरकार के पास अटकी हुई है, जबकि चार किमी से आगे 2 किमी सड़क जिला योजना में स्वीकृत है, जिसकी पत्रावलियां तैयार की जा रही हैं।
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