{"_id":"5b15717e4f1c1b64068b47be","slug":"15281319712-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रातभर नंदाकिनी नदी किनारे जिंदगी और मौत के बीच झूलता रहा तीर्थयात्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रातभर नंदाकिनी नदी किनारे जिंदगी और मौत के बीच झूलता रहा तीर्थयात्री
Updated Mon, 04 Jun 2018 10:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नंदप्रयाग। नंदाकिनी नदी पर बने मोटर पुल के पास आराम के लिए बैठा हैदराबाद का एक तीर्थयात्री नदी में गिर गया। वह किसी तरह नदी किनारे तो पहुंच गया लेकिन रात होने के कारण कोई मदद नहीं मिल पाई। उसे पूरी रात नदी किनारे काटनी पड़ी। सुबह 108 कर्मियों ने उसे देखा तो नदी किनारे से सड़क तक लाए और अस्पताल पहुंचाया। तीर्थयात्री के सर पर आठ टांके आए और पैर भी फैक्चर हुआ। 108 कर्मियों ने उसे उपचार के लिए नकद धनराशि भी दी।
शनिवार रात को करीब दस बजे तीर्थयात्री विजय चंद्रकांत वाडेकर पुत्र चंद्रकांत वाडेकर, थापुरनगर, आईडीए सिद्धमटेला, हैदराबाद, आंध्रप्रदेश बदरीनाथ की तीर्थयात्रा करने के बाद एक वाहन से नंदप्रयाग में उतरा। वह यहां नंदाकिनी नदी पर मोटर पुल की रैलिंग के पास कुछ देर आराम करने के लिए बैठा था कि अचानक विजय नदी में गिर गया। उसका बैग, पर्स और फोन नदी में बह गया। उसने मदद की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने नहीं सुना। विजय जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर नदी किनारे पहुंचा और सुबह होने का इंतजार करता रहा। उसके सर से खून निकल रहा था। सुबह पांच बजे मदद के लिए चिल्लाने लगा तभी आसपास के लोगों ने उसकी आवाज सुनी और इसकी सूचना पुलिस चौकी और 108 सेवा को दी। मौके पर पहुंचे नंदप्रयाग 108 के चालक विक्रम सिंह नेगी, ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन) देवेश तिवारी और स्थानीय निवासी विनोद रौतेला रस्सी के सहारे उसे सड़क तक लाए और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर श्रीनगर रेफर कर दिया गया। 108 सेवा के कर्मियों ने तीर्थयात्री को उपचार के लिए आठ सौ रुपये भी दिए।
शनिवार रात को करीब दस बजे तीर्थयात्री विजय चंद्रकांत वाडेकर पुत्र चंद्रकांत वाडेकर, थापुरनगर, आईडीए सिद्धमटेला, हैदराबाद, आंध्रप्रदेश बदरीनाथ की तीर्थयात्रा करने के बाद एक वाहन से नंदप्रयाग में उतरा। वह यहां नंदाकिनी नदी पर मोटर पुल की रैलिंग के पास कुछ देर आराम करने के लिए बैठा था कि अचानक विजय नदी में गिर गया। उसका बैग, पर्स और फोन नदी में बह गया। उसने मदद की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने नहीं सुना। विजय जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर नदी किनारे पहुंचा और सुबह होने का इंतजार करता रहा। उसके सर से खून निकल रहा था। सुबह पांच बजे मदद के लिए चिल्लाने लगा तभी आसपास के लोगों ने उसकी आवाज सुनी और इसकी सूचना पुलिस चौकी और 108 सेवा को दी। मौके पर पहुंचे नंदप्रयाग 108 के चालक विक्रम सिंह नेगी, ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन) देवेश तिवारी और स्थानीय निवासी विनोद रौतेला रस्सी के सहारे उसे सड़क तक लाए और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर श्रीनगर रेफर कर दिया गया। 108 सेवा के कर्मियों ने तीर्थयात्री को उपचार के लिए आठ सौ रुपये भी दिए।
विज्ञापन