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22 घंटे तक पौड़ी और टिहरी जिले के 208 गांवों की बिजली गुल
Updated Fri, 01 Jun 2018 11:04 PM IST
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देवप्रयाग। 33 केवी श्रीनगर-देवप्रयाग लाइन में दूसरी बार फॉल्ट आने से देवप्रयाग नगर सहित क्षेत्र के 208 गांवों में विद्युत आपूर्ति 22 घंटे ठप रही। विद्युत आपूर्ति बाधित होने से भरपूर व सजवाण कांडा पेयजल योजना के पंप ठप पड़ गए। इस वजह से 52 से अधिक गांवों में जलापूर्ति भी नहीं हुई। बार-बार घंटों बिजली गुल होने पर लोगों ने आक्रोश जताया है।
गुरुवार सुबह 10 बजे पौड़ी व टिहरी जिले के 208 गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। बुधवार व गुरुवार को भी 19 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही थी। बिजली गुल होने पर ऊर्जा निगम के कर्मियों ने देर रात तक फॉल्ट ढूंढने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। रात भर बिजली गायब रहने की वजह से लोगों को गर्मी व उमस में रात काटनी पड़ी। शुक्रवार सुबह मलेथा के जंगलों में आखिरकार कर्मियों ने फॉल्ढ ढूंढ निकाला। लाइन की मरम्मत के बाद सुबह 8 बजे विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई। निगम के एसडीओ आरपी नौटियाल ने बताया कि मलेथा के जंगल में 33 केवी लाइन के जंपर उड़ गए थे। टीम बृहस्पतिवार से फॉल्ट ढूंढने में लगी थी। घंटों मेहनत के बाद फॉल्ट मिल पाया।
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गुरुवार सुबह 10 बजे पौड़ी व टिहरी जिले के 208 गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। बुधवार व गुरुवार को भी 19 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही थी। बिजली गुल होने पर ऊर्जा निगम के कर्मियों ने देर रात तक फॉल्ट ढूंढने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। रात भर बिजली गायब रहने की वजह से लोगों को गर्मी व उमस में रात काटनी पड़ी। शुक्रवार सुबह मलेथा के जंगलों में आखिरकार कर्मियों ने फॉल्ढ ढूंढ निकाला। लाइन की मरम्मत के बाद सुबह 8 बजे विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई। निगम के एसडीओ आरपी नौटियाल ने बताया कि मलेथा के जंगल में 33 केवी लाइन के जंपर उड़ गए थे। टीम बृहस्पतिवार से फॉल्ट ढूंढने में लगी थी। घंटों मेहनत के बाद फॉल्ट मिल पाया।
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