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भारतीय संस्कृत ज्ञान परीक्षा में अमीषा रही प्रथम, सुमित द्वितीय
Updated Thu, 24 May 2018 10:24 PM IST
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पोखरी। विगत वर्ष नवंबर माह में शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में अव्वल आए 21 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। छात्र-छात्राओं के मेडल और किताबें देकर सम्मानित किया गया।
जीजीआईसी पोखरी में आयोजित सम्मान समारोह में जीआईसी सरमोला की अमीषा प्रथम, जीआईसी रडुवा के सुमित द्वितीय और जीआईसी पोगठा की सलोनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। करन, कमलेश कुमेड़ी, दीपिका क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय रहे। वहीं अंकित सिंह प्रथम, सुमित द्वितीय, अमन तृतीय, अनुराग प्रथम, दीपिका द्वितीय, मीनाक्षी तृतीय रहे। वहीं प्रिया, राखी, सुचिता और सुमित, नेहा, संध्या और आकृति, नीता, संतोषी ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। खंड शिक्षा अधिकारी चक्रधर चमोला ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं से भारतीय संस्कृति का संरक्षण किया जा सकता है। ब्लॉक समन्वयक टीसी सती ने कहा कि पढ़ाई के साथ ही छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार करना है। इस मौके पर भारतीय संस्कृति परीक्षा आयोजन समिति के जिला संयोजक जीएस फरस्वाण, प्रधानाचार्य एसएस चौधरी, शांति थपलियाल, शांता भंडारी, महेश किमोठी, बीएस रावत, जेएस नेगी, शकुंतला, विजया, लक्ष्मी, तृप्ति, पूनम और रानी आदि मौजूद थे।
जीजीआईसी पोखरी में आयोजित सम्मान समारोह में जीआईसी सरमोला की अमीषा प्रथम, जीआईसी रडुवा के सुमित द्वितीय और जीआईसी पोगठा की सलोनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। करन, कमलेश कुमेड़ी, दीपिका क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय रहे। वहीं अंकित सिंह प्रथम, सुमित द्वितीय, अमन तृतीय, अनुराग प्रथम, दीपिका द्वितीय, मीनाक्षी तृतीय रहे। वहीं प्रिया, राखी, सुचिता और सुमित, नेहा, संध्या और आकृति, नीता, संतोषी ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। खंड शिक्षा अधिकारी चक्रधर चमोला ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं से भारतीय संस्कृति का संरक्षण किया जा सकता है। ब्लॉक समन्वयक टीसी सती ने कहा कि पढ़ाई के साथ ही छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार करना है। इस मौके पर भारतीय संस्कृति परीक्षा आयोजन समिति के जिला संयोजक जीएस फरस्वाण, प्रधानाचार्य एसएस चौधरी, शांति थपलियाल, शांता भंडारी, महेश किमोठी, बीएस रावत, जेएस नेगी, शकुंतला, विजया, लक्ष्मी, तृप्ति, पूनम और रानी आदि मौजूद थे।
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