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जंगलों में आग लगाने वालों की पहचान कर भेंजे जेल
Updated Thu, 24 May 2018 10:24 PM IST
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गोपेश्वर। जंगलों की आग बेकाबू होते देख जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। जिले में जंगल की आग की 63 घटनाएं हुई हैं, जिससे 104 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है। जिलाधिकारी आशीष जोशी ने वन विभाग के अधिकारियों की बैठक ली और आग पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। डीएम ने जंगलों में आग लगाने वालों की पहचान कर एफआईआर दर्ज करने के बाद तत्काल जेल भेजने के निर्देश दिए हैं।
जिला आपदा कंट्रोल केंद्र में आयोजित बैठक में डीएम आशीष जोशी ने वनाधिकारियों को सभी संवेदनशील स्थानों पर कैमरे लगाकर नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने, क्रू-स्टेशन को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जंगलों में आग लगती है, लेकिन फैलती वन विभाग की लापरवाही से है। वनाग्नि को काबू करने के लिए वन कर्मियों को सक्रिय कर देना चाहिए।
प्रभारी वनाधिकारी सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में जंगल की आग के कारण 104 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है। जंगल की आग की रोकथाम के लिए जिले में 101 क्रू-स्टेशन, 19 मोबाइल क्रू-स्टेशन और चार मास्टर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। इनमें 456 नियमित कर्मचारी तथा 125 दैनिक कर्मचारी कार्यरत हैं। बदरीनाथ में तीन और केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग में चार वाच टॉवर स्थापित किए गए हैं।
जिला आपदा कंट्रोल केंद्र में आयोजित बैठक में डीएम आशीष जोशी ने वनाधिकारियों को सभी संवेदनशील स्थानों पर कैमरे लगाकर नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने, क्रू-स्टेशन को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जंगलों में आग लगती है, लेकिन फैलती वन विभाग की लापरवाही से है। वनाग्नि को काबू करने के लिए वन कर्मियों को सक्रिय कर देना चाहिए।
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प्रभारी वनाधिकारी सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में जंगल की आग के कारण 104 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है। जंगल की आग की रोकथाम के लिए जिले में 101 क्रू-स्टेशन, 19 मोबाइल क्रू-स्टेशन और चार मास्टर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। इनमें 456 नियमित कर्मचारी तथा 125 दैनिक कर्मचारी कार्यरत हैं। बदरीनाथ में तीन और केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग में चार वाच टॉवर स्थापित किए गए हैं।
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