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चकराता में शूटिंग की संभावना तलाशेंगे डॉयरेक्टर रमेश सिप्पी
Updated Mon, 21 May 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/कालसी।
शोले जैसी फिल्म का निर्देशन करने वाले मशहूर फिल्म डॉयरेक्टर और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समिति के सदस्य रमेश सिप्पी जल्द ही फिल्मों की शूटिंग के लिए संभावनाएं तलाशने के लिए जौनसार बावर के विभिन्न पर्यटकों स्थलों को भ्रमण करेंगे।
बीते दिनों मुंबई में संपन्न हुए ‘ग्लोबल एग्जीबिशन ऑन सर्विसेज’ में सूचना विभाग के महानिदेशक डॉ. पंकज कुमार और उप निदेशक केएस चौहान ने इस संदर्भ में डॉयरेक्टर रमेश सिप्पी से वार्ता की। उन्होंने डॉयरेक्टर रमेश सिप्पी को अवगत कराया कि उत्तराखंड के चकराता, कोटी कनासर, रानीखेत, चोपता, फूलों की घाटी, हर की दून, दयरा बुग्याल में शूटिंग की अपार संभावनाएं है। वर्ष 2015 से अब तक 100 से अधिक फिल्म निर्माता राज्य के विभिन्न हिस्सों में शूटिंग कर चुके हैं। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद सिंगल विडों के माध्यम से 7 दिन से भी कम समय के भीतर शूटिंग के लिए अनुमति प्रदान कर देता है। उन्होंने रमेश सिप्पी से एक बार इन क्षेत्रों का भ्रमण कर संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया। डॉयरेक्टर रमेश सिप्पी ने कहा कि जून के प्रथम सप्ताह में वह चकराता जाकर फिल्म की संभावनाओं को तलाशेंगे। बताया कि उत्तराखंड में अधिक से अधिक फिल्मों की शूटिंग हो सके इसके लिए देहरादून में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की चयन समिति के सदस्यों की भी बैठक ली जाएगी।
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शोले जैसी फिल्म का निर्देशन करने वाले मशहूर फिल्म डॉयरेक्टर और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समिति के सदस्य रमेश सिप्पी जल्द ही फिल्मों की शूटिंग के लिए संभावनाएं तलाशने के लिए जौनसार बावर के विभिन्न पर्यटकों स्थलों को भ्रमण करेंगे।
बीते दिनों मुंबई में संपन्न हुए ‘ग्लोबल एग्जीबिशन ऑन सर्विसेज’ में सूचना विभाग के महानिदेशक डॉ. पंकज कुमार और उप निदेशक केएस चौहान ने इस संदर्भ में डॉयरेक्टर रमेश सिप्पी से वार्ता की। उन्होंने डॉयरेक्टर रमेश सिप्पी को अवगत कराया कि उत्तराखंड के चकराता, कोटी कनासर, रानीखेत, चोपता, फूलों की घाटी, हर की दून, दयरा बुग्याल में शूटिंग की अपार संभावनाएं है। वर्ष 2015 से अब तक 100 से अधिक फिल्म निर्माता राज्य के विभिन्न हिस्सों में शूटिंग कर चुके हैं। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद सिंगल विडों के माध्यम से 7 दिन से भी कम समय के भीतर शूटिंग के लिए अनुमति प्रदान कर देता है। उन्होंने रमेश सिप्पी से एक बार इन क्षेत्रों का भ्रमण कर संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया। डॉयरेक्टर रमेश सिप्पी ने कहा कि जून के प्रथम सप्ताह में वह चकराता जाकर फिल्म की संभावनाओं को तलाशेंगे। बताया कि उत्तराखंड में अधिक से अधिक फिल्मों की शूटिंग हो सके इसके लिए देहरादून में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की चयन समिति के सदस्यों की भी बैठक ली जाएगी।
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