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नेहा और हिमांशु को स्व. रामनारायण शर्मा स्मृति पुरस्कार
Updated Sun, 20 May 2018 10:32 PM IST
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कर्णप्रयाग। आदर्श विद्या मंदिर के वार्षिकोत्सव में रंगारंग कार्यक्रमों की धूम रही। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने गढ़वाली, कुमाऊंनी, नेपाली और जौनसारी लोकगीत और नृत्यों की प्रस्तुतियां दीं। पर्यावरण संरक्षण और विकास योजनाओं पर बेहतर लोक नाटक की प्रस्तुति दी। बताया गया कि समझदारी से ही विकास और पर्यावरण संभव है। इस दौरान दसवीं बोर्ड परीक्षाओं में 10 सीजीपीए पाने वाली नेहा खंडूड़ी और हिमांशु कंडवाल को स्व. रामनारायण शर्मा स्मृति सम्मान से पुरस्कृत किया गया। यह सम्मान हर वर्ष जिले के वरिष्ठ सर्जन डा. राजीव शर्मा अपने पिता की स्मृति में मेधावी छात्रों को देते हैं।
वार्षिकोत्सव में छात्र-छात्राओं ने जंगलों के बीच बसे गांवों के लिए विकास योजनाओं को लेकर नाटक की प्रस्तुति दी। नाटक में दिखाया गया कि सड़क निर्माण के लिए जहां पेड़ काटने पर पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा था, वहीं पेड़ नहीं काटने से सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा था। ऐसे में ग्रामीणों ने जमीन और मकान सड़क के लिए दे दिए, लेकिन जंगल नहीं कटने दिया। दिखाया गया कि समझदारी से विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों हो सकते हैं। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने जीके क्विज, देशभक्ति गीत, चैत की चैत्वलि..., हे कांछी... सहित कई लोकगीत और लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी। मेधावी अनुश्री, अंशुमन, मानसी, राशि, दिव्यांशी, दिव्यांशु, जाह्नवी, कृष्णा, मनस्वी, नंदनी, निहारिका, विपिन, पलक, श्रुति को स्व. आलम राम स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह में सिविल जज सीनियर डिवीजन राजीव धवन, एसडीएम जीआर बिनवाल, डा. राजीव शर्मा, वीरेंद्र सिंह नेगी, संपूर्णानंद डिमरी, प्रधानाचार्य हरीश चंद्र सिंह नेगी और खंड शिक्षा अधिकारी उमेश कैलखुरा आदि मौजूद थे।
वार्षिकोत्सव में छात्र-छात्राओं ने जंगलों के बीच बसे गांवों के लिए विकास योजनाओं को लेकर नाटक की प्रस्तुति दी। नाटक में दिखाया गया कि सड़क निर्माण के लिए जहां पेड़ काटने पर पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा था, वहीं पेड़ नहीं काटने से सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा था। ऐसे में ग्रामीणों ने जमीन और मकान सड़क के लिए दे दिए, लेकिन जंगल नहीं कटने दिया। दिखाया गया कि समझदारी से विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों हो सकते हैं। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने जीके क्विज, देशभक्ति गीत, चैत की चैत्वलि..., हे कांछी... सहित कई लोकगीत और लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी। मेधावी अनुश्री, अंशुमन, मानसी, राशि, दिव्यांशी, दिव्यांशु, जाह्नवी, कृष्णा, मनस्वी, नंदनी, निहारिका, विपिन, पलक, श्रुति को स्व. आलम राम स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह में सिविल जज सीनियर डिवीजन राजीव धवन, एसडीएम जीआर बिनवाल, डा. राजीव शर्मा, वीरेंद्र सिंह नेगी, संपूर्णानंद डिमरी, प्रधानाचार्य हरीश चंद्र सिंह नेगी और खंड शिक्षा अधिकारी उमेश कैलखुरा आदि मौजूद थे।
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