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बच्चों के शोषण को छिपाएं नहीं, शिकायत दर्ज कराएं
Updated Fri, 18 May 2018 10:32 PM IST
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श्रीनगर। पुलिस प्रशिक्षण स्कूल द्वारका (दिल्ली) की प्राचार्या डीसीपी सुमन नालवा ने राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में ‘बाल यौन अपराध’ पर व्याख्यान दिया। व्याख्यान के पश्चात उन्होंने प्रतिभागियों की शंकाओं और सवालों का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने बाल यौन शोषण को छिपाने के बजाय तत्काल शिकायत दर्ज कराने की बात कही।
मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन एंड टेक्सीकोलॉजी विभाग की ओर से बेस अस्पताल के लेक्चर थियेटर में व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्या डीसीपी सुमन ने कहा कि बाल यौन अपराध रोकने के लिए जागरूकता जरूरी है। उन्होंने संबंधित अपराधों में कार्रवाई के लिए जरूरी औपचारिकताओं के बारे में बताया। इसके अलावा उन्होंने मेडिको लीगल, पोस्को 2012 और बाल विवाह के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की जानकारी दी। वहीं डीसीपी ने कहा कि बाल यौन शोषण को छिपाना नहीं चाहिए। बल्कि तत्काल पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह गंभीर अपराध है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को यौन शोषण के शिकार बच्चों से पूछताछ के तरीकों के बारे में भी बताया। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत, एसडीएम श्रीनगर मायादत्त जोशी सहित कॉलेज की फैकल्टी, पुलिस अधिकारी व छात्र-छात्राएं आदि मौजूद थे।
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मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन एंड टेक्सीकोलॉजी विभाग की ओर से बेस अस्पताल के लेक्चर थियेटर में व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्या डीसीपी सुमन ने कहा कि बाल यौन अपराध रोकने के लिए जागरूकता जरूरी है। उन्होंने संबंधित अपराधों में कार्रवाई के लिए जरूरी औपचारिकताओं के बारे में बताया। इसके अलावा उन्होंने मेडिको लीगल, पोस्को 2012 और बाल विवाह के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की जानकारी दी। वहीं डीसीपी ने कहा कि बाल यौन शोषण को छिपाना नहीं चाहिए। बल्कि तत्काल पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह गंभीर अपराध है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को यौन शोषण के शिकार बच्चों से पूछताछ के तरीकों के बारे में भी बताया। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत, एसडीएम श्रीनगर मायादत्त जोशी सहित कॉलेज की फैकल्टी, पुलिस अधिकारी व छात्र-छात्राएं आदि मौजूद थे।
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