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सर्जरी में ज्ञान, कला और अनुभव की जरूरत
Updated Fri, 18 May 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश ।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश की ओर से बेहतर तरीके से टांके लगाने एवं लेप्रोस्कोपी सर्जरी सिखाने के लिए आयोजित दो दिवसीय सिमुलेशन कौशल कार्यक्रम के तहत चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम के तहत एम्स ऋषिकेश में जनरल सर्जरी विभाग में नाक, कान एवं गला रोग विभाग, अस्थि रोग विभाग एवं स्त्री एवं प्रसूति विभाग समेत कई अन्य विभागों के रेजिडेंट चिकित्सकों और डॉक्टरों को आधुनिक जानकारी दी गई। जनरल सर्जरी विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. बीना रवि ने बताया कि शल्य चिकित्सा एक ऐसा विषय है, जिसमें उपचार के लिए ज्ञान के साथ ही कला और अनुभव की जरूरत होती है।
बताया कि इससे रेजिडेंट के कौशल और आत्मविश्वास में सुधार करने में मदद करेगा। प्रो. सुरेखा किशोर ने बताया कि सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण डॉक्टरों के ज्ञान और कौशल को विकसित करने में मदद करता है। जनरल सर्जरी के सह आचार्य डॉ. फरहानुल हुदा ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यशाला में करीब 70 जूनियर रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट और कंसलटेंट ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर एम्स के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. मुकेश त्रिपाठी, वाईस डीन प्रशांत पाटिल, डॉ. अनुपमा बहादुर, डॉ. मनु मल्होत्रा, डॉ. लतिका चावला आदि मौजूद थे।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश की ओर से बेहतर तरीके से टांके लगाने एवं लेप्रोस्कोपी सर्जरी सिखाने के लिए आयोजित दो दिवसीय सिमुलेशन कौशल कार्यक्रम के तहत चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम के तहत एम्स ऋषिकेश में जनरल सर्जरी विभाग में नाक, कान एवं गला रोग विभाग, अस्थि रोग विभाग एवं स्त्री एवं प्रसूति विभाग समेत कई अन्य विभागों के रेजिडेंट चिकित्सकों और डॉक्टरों को आधुनिक जानकारी दी गई। जनरल सर्जरी विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. बीना रवि ने बताया कि शल्य चिकित्सा एक ऐसा विषय है, जिसमें उपचार के लिए ज्ञान के साथ ही कला और अनुभव की जरूरत होती है।
बताया कि इससे रेजिडेंट के कौशल और आत्मविश्वास में सुधार करने में मदद करेगा। प्रो. सुरेखा किशोर ने बताया कि सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण डॉक्टरों के ज्ञान और कौशल को विकसित करने में मदद करता है। जनरल सर्जरी के सह आचार्य डॉ. फरहानुल हुदा ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यशाला में करीब 70 जूनियर रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट और कंसलटेंट ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर एम्स के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. मुकेश त्रिपाठी, वाईस डीन प्रशांत पाटिल, डॉ. अनुपमा बहादुर, डॉ. मनु मल्होत्रा, डॉ. लतिका चावला आदि मौजूद थे।
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