{"_id":"5afde65b4f1c1bea408b612e","slug":"152658901510-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अकीदतमंदों ने उत्साह के साथ रखा पहला रोजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अकीदतमंदों ने उत्साह के साथ रखा पहला रोजा
Updated Fri, 18 May 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला।
पवित्र माहे रमजान का बृहस्पतिवार से आगाज हो गया। भीषण गर्मी के बीच अकीदतमंदों ने उत्साह के साथ पहला रोजा रखा। अकीदतमंदों ने पानी और खजूर से रोजा खोलकर अल्लाह का शुक्रिया अदा किया। इससे पहले इफ्तार की खरीदारी के लिए बाजार गुलजार रहे। बृहस्पतिवार का सुबह तड़के उठकर अकीदतमंदों ने सहरी की और रोजा रखा। इसके बाद पूरे दिन अल्लाह की इबादत में मशगूल रहे। युवाओं, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने पूरे उत्साह के साथ रोजा रखा। मस्जिदों में भीड़भाड़ रही। नमाजियों की भीड़ उमड़ने से मस्जिदें गुलजार रहीं।
वहीं, दोपहर से ही घरों में इफ्तार के लिए तैयारियों होनी शुरू हो गई थी। महिलाओं ने घरों में लजीज पकवान तैयार किए। बाजारों में फल, खजूर और पेय पदार्थों की खरीदारी के लिए बाजारों में रौनक देखने को मिली। इफ्तार को ऐलान होने के बाद रोजेदारों ने रोजा खोला। शाम को तरावीह की नमाज पढ़ी गई। बृहस्पतिवार से शुरू हुए माहे रमजान के रोजे पूरे 30 दिन तक चलेंगे। तेलीवाला गांव के हाजी अमीर हसन ने बताया कि रमजान माह रहमत और बरकत का महीना है। अल्लाहताला इस माह में नेकी का बदला 70 गुना देकर पूरा करते हैं। इंसान को मुस्तकिल रोजे रखकर अल्हाह की इबादत करनी चाहिए। मुस्तकील तराबी पढ़नी चाहिए। इस माह में गरीबों की मदद करनी चाहिए। इससे अल्लाह तहाला अपने बंदों से खुश होता हैं।
विज्ञापन
पवित्र माहे रमजान का बृहस्पतिवार से आगाज हो गया। भीषण गर्मी के बीच अकीदतमंदों ने उत्साह के साथ पहला रोजा रखा। अकीदतमंदों ने पानी और खजूर से रोजा खोलकर अल्लाह का शुक्रिया अदा किया। इससे पहले इफ्तार की खरीदारी के लिए बाजार गुलजार रहे। बृहस्पतिवार का सुबह तड़के उठकर अकीदतमंदों ने सहरी की और रोजा रखा। इसके बाद पूरे दिन अल्लाह की इबादत में मशगूल रहे। युवाओं, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने पूरे उत्साह के साथ रोजा रखा। मस्जिदों में भीड़भाड़ रही। नमाजियों की भीड़ उमड़ने से मस्जिदें गुलजार रहीं।
वहीं, दोपहर से ही घरों में इफ्तार के लिए तैयारियों होनी शुरू हो गई थी। महिलाओं ने घरों में लजीज पकवान तैयार किए। बाजारों में फल, खजूर और पेय पदार्थों की खरीदारी के लिए बाजारों में रौनक देखने को मिली। इफ्तार को ऐलान होने के बाद रोजेदारों ने रोजा खोला। शाम को तरावीह की नमाज पढ़ी गई। बृहस्पतिवार से शुरू हुए माहे रमजान के रोजे पूरे 30 दिन तक चलेंगे। तेलीवाला गांव के हाजी अमीर हसन ने बताया कि रमजान माह रहमत और बरकत का महीना है। अल्लाहताला इस माह में नेकी का बदला 70 गुना देकर पूरा करते हैं। इंसान को मुस्तकिल रोजे रखकर अल्हाह की इबादत करनी चाहिए। मुस्तकील तराबी पढ़नी चाहिए। इस माह में गरीबों की मदद करनी चाहिए। इससे अल्लाह तहाला अपने बंदों से खुश होता हैं।
विज्ञापन