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चायवाले का बेटा बना 12वीं में तीर्थनगरी का टॉपर
Updated Tue, 15 May 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेेश।
हुनरमंद हों तो बाधाएं भी कभी आड़े नहीं आती हैं। चाय वाले के बेटे व्योम गुप्ता ने आईएससी 12वीं की परीक्षा में तीर्थनगरी में टॉप कर यह साबित किया है। ऋषिकेश पब्लिक स्कूल के छात्र व्योम ने कुछ ही दिन पहले जेईई मेन परीक्षा में भी अपनी काबलियत का लोहा मनवाया था। सोमवार को घोषित आईएससी 12वीं के परीक्षा परिणामों में नगर के शीर्ष पर रहे व्योम गुप्ता ने न सिर्फ अपने स्कूल बल्कि शहर का नाम भी रोशन किया। व्योम गुप्ता के पिता संजय गुप्ता रेलवे रोड पर करीब दो दशक से चाय की ठेली लगाकर अपनी आजीविका कमा रहे हैं। व्योम ने अपनी कामयाबी का श्रेय पिता संजय गुप्ता और माता आरती गुप्ता के साथ शिक्षक अजय को दिया।
आर्थिक दिक्कतों के बावजूद पढ़ाई में अव्वल व्योम गुप्ता एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग बनकर अपने कामयाबी की बुलंदियों को छूना चाहता है। बकौल व्योम परीक्षा की तैयारी के दिनों में उन्होंने आठ से नौ घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की। खाली समय में उन्हें कंप्यूटर गेम खेलने का शौक है। पिता संजय गुप्ता ने अपने बेटे की कामयाबी को उसकी मेहनत का परिणाम बताया।
सौरभ ने बिना ट्यूशन हासिल की कामयाबी
ऋषिकेश। आईसीएसई 10वीं की परीक्षा में नगर में शीर्ष पर रहे ओमकारानंद सरस्वती निलायम के छात्र सौरभ रणाकोटी ने बिना ट्यूशन के ही सफलता हासिल की। बकौल सौरभ पढ़ाई में उन्हें बहन ने हमेशा सहयोग किया। पिता मोहनलाल रणाकोटी रीता इंटर कॉलेज गढ़ी श्यामपुर में शिक्षक हैं। वह आगे एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद बतौर डॉक्टर समाज की सेवा करना चाहता है। वह प्रतिदिन करीब चार-पांच घंटे पढ़ाई करता रहा है। सौरभ ने अपनी कामयाबी का श्रेय क्लास टीचर दिव्या मैम के अलावा माता, पिता और बहन को दिया।
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हुनरमंद हों तो बाधाएं भी कभी आड़े नहीं आती हैं। चाय वाले के बेटे व्योम गुप्ता ने आईएससी 12वीं की परीक्षा में तीर्थनगरी में टॉप कर यह साबित किया है। ऋषिकेश पब्लिक स्कूल के छात्र व्योम ने कुछ ही दिन पहले जेईई मेन परीक्षा में भी अपनी काबलियत का लोहा मनवाया था। सोमवार को घोषित आईएससी 12वीं के परीक्षा परिणामों में नगर के शीर्ष पर रहे व्योम गुप्ता ने न सिर्फ अपने स्कूल बल्कि शहर का नाम भी रोशन किया। व्योम गुप्ता के पिता संजय गुप्ता रेलवे रोड पर करीब दो दशक से चाय की ठेली लगाकर अपनी आजीविका कमा रहे हैं। व्योम ने अपनी कामयाबी का श्रेय पिता संजय गुप्ता और माता आरती गुप्ता के साथ शिक्षक अजय को दिया।
आर्थिक दिक्कतों के बावजूद पढ़ाई में अव्वल व्योम गुप्ता एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग बनकर अपने कामयाबी की बुलंदियों को छूना चाहता है। बकौल व्योम परीक्षा की तैयारी के दिनों में उन्होंने आठ से नौ घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की। खाली समय में उन्हें कंप्यूटर गेम खेलने का शौक है। पिता संजय गुप्ता ने अपने बेटे की कामयाबी को उसकी मेहनत का परिणाम बताया।
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सौरभ ने बिना ट्यूशन हासिल की कामयाबी
ऋषिकेश। आईसीएसई 10वीं की परीक्षा में नगर में शीर्ष पर रहे ओमकारानंद सरस्वती निलायम के छात्र सौरभ रणाकोटी ने बिना ट्यूशन के ही सफलता हासिल की। बकौल सौरभ पढ़ाई में उन्हें बहन ने हमेशा सहयोग किया। पिता मोहनलाल रणाकोटी रीता इंटर कॉलेज गढ़ी श्यामपुर में शिक्षक हैं। वह आगे एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद बतौर डॉक्टर समाज की सेवा करना चाहता है। वह प्रतिदिन करीब चार-पांच घंटे पढ़ाई करता रहा है। सौरभ ने अपनी कामयाबी का श्रेय क्लास टीचर दिव्या मैम के अलावा माता, पिता और बहन को दिया।
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