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उर्दू के संवर्धन को सामूहिक प्रयास जरूरी
Updated Mon, 07 May 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला।
अंजुमन फैजान-ए-औलिया देहरादून की ओर से डोईवाला ब्लॉक सभागार में रविवार को ‘उर्दू अदब के फरोग में सूूफिया इकराम का किरदार’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में वक्ताओं ने उर्दू के फरोग में सूफियों के किरदार पर रोशनी डाल उर्दू के संवर्धन पर जोर दिया।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार के उर्दूू विकास परिषद के सहयोग से आयोजित सेमिनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि शिक्षाविद् और तस्मिया एजुकेशनल सोसायटी के अध्यक्ष डा. एस फारूख ने दीप जलाकर किया। सेमिनार की शुरूआत में मुफ्ती इकरार हुसैन नईमी ने कुरान पाक की तिलावत की। मुख्य अतिथि डा. एस फारूख ने कहा कि देश की आजादी और तरक्की में उर्दू भाषा का अहम योगदान है। कहा कि वर्तमान समय में उर्दू अदब के फरोग के लिए चल रहे प्रयासों को सामूहिक सहयोग से गति देनी होगी।
अध्यक्षता कर ऑल इंडिया जमात-ए-सूफिया के अध्यक्ष प्रोफेसर तनवीर चिश्ती ने कहा कि उर्दू भाषा किसी समुदाय विशेष की भाषा नहीं है। सूफिया इकराम ने बिना किसी भेदभाव के हिंदुस्तान की सभी जबानों को दिल से लगाया। उर्दू भाषा में विशाल साहित्य दुनिया में हैं। हिंदी के विद्वानों ने उर्दू के बढ़ाने में अपना अहम योगदान दिया। सरकारों को उर्दू के संवर्धन के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। मुरादाबाद की मशहूर उर्दू विद्वान गजाला तबस्सुम, नासिर मंसूरी, गुलाम मुस्तफा देहलवी, बाकर अली राजस्थानी, नायब शहर काजी सुन्नी देहरादून सैय्यद अशरफ हुसैन कादरी, इंजीनियर हयात खान, सैय्यद वजाहत हुसैन देवबंद, सलाम हुसैन हिमाचल प्रदेश ने उर्दू अदब के फरोग में सूफिया इकराम के किरदार पर रोशनी डाली। उन्होंने उर्दू के संवर्धन को सामूहिक प्रयासों को जरूरी बताया।
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मशहूर उर्दू शायर अंबर खरबंदा ने उर्दू शायरी से वाहवाही बटोरी। सेमीनार के समापन पर प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र दिया गया। इस दौरान अंजुमन के अध्यक्ष मोहम्मद असलम, सचिव मौलाना मुस्तफीज अहमद नईमी, मारखम ग्रांट पंचायत प्रधान परमिंदर सिंह बाउ, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य हाजी अमीर हसन, विक्रम सिंह नेगी, डॉ अलिफ नाजिम, संस्था उपाध्यक्ष मोहम्मद यासीन, मोहम्मद यामीन, यूनिसा फातिमा, रईस अहमद, एहसान अली, सलमान, अफजल अंसारी, शहजाद, हाजी मतलूब, सलीम अहमद, ताजूदीन, आदिल हुसैन और डॉ सादिक हुसैन आदि मौजूद रहे।
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अंजुमन फैजान-ए-औलिया देहरादून की ओर से डोईवाला ब्लॉक सभागार में रविवार को ‘उर्दू अदब के फरोग में सूूफिया इकराम का किरदार’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में वक्ताओं ने उर्दू के फरोग में सूफियों के किरदार पर रोशनी डाल उर्दू के संवर्धन पर जोर दिया।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार के उर्दूू विकास परिषद के सहयोग से आयोजित सेमिनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि शिक्षाविद् और तस्मिया एजुकेशनल सोसायटी के अध्यक्ष डा. एस फारूख ने दीप जलाकर किया। सेमिनार की शुरूआत में मुफ्ती इकरार हुसैन नईमी ने कुरान पाक की तिलावत की। मुख्य अतिथि डा. एस फारूख ने कहा कि देश की आजादी और तरक्की में उर्दू भाषा का अहम योगदान है। कहा कि वर्तमान समय में उर्दू अदब के फरोग के लिए चल रहे प्रयासों को सामूहिक सहयोग से गति देनी होगी।
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अध्यक्षता कर ऑल इंडिया जमात-ए-सूफिया के अध्यक्ष प्रोफेसर तनवीर चिश्ती ने कहा कि उर्दू भाषा किसी समुदाय विशेष की भाषा नहीं है। सूफिया इकराम ने बिना किसी भेदभाव के हिंदुस्तान की सभी जबानों को दिल से लगाया। उर्दू भाषा में विशाल साहित्य दुनिया में हैं। हिंदी के विद्वानों ने उर्दू के बढ़ाने में अपना अहम योगदान दिया। सरकारों को उर्दू के संवर्धन के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। मुरादाबाद की मशहूर उर्दू विद्वान गजाला तबस्सुम, नासिर मंसूरी, गुलाम मुस्तफा देहलवी, बाकर अली राजस्थानी, नायब शहर काजी सुन्नी देहरादून सैय्यद अशरफ हुसैन कादरी, इंजीनियर हयात खान, सैय्यद वजाहत हुसैन देवबंद, सलाम हुसैन हिमाचल प्रदेश ने उर्दू अदब के फरोग में सूफिया इकराम के किरदार पर रोशनी डाली। उन्होंने उर्दू के संवर्धन को सामूहिक प्रयासों को जरूरी बताया।
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मशहूर उर्दू शायर अंबर खरबंदा ने उर्दू शायरी से वाहवाही बटोरी। सेमीनार के समापन पर प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र दिया गया। इस दौरान अंजुमन के अध्यक्ष मोहम्मद असलम, सचिव मौलाना मुस्तफीज अहमद नईमी, मारखम ग्रांट पंचायत प्रधान परमिंदर सिंह बाउ, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य हाजी अमीर हसन, विक्रम सिंह नेगी, डॉ अलिफ नाजिम, संस्था उपाध्यक्ष मोहम्मद यासीन, मोहम्मद यामीन, यूनिसा फातिमा, रईस अहमद, एहसान अली, सलमान, अफजल अंसारी, शहजाद, हाजी मतलूब, सलीम अहमद, ताजूदीन, आदिल हुसैन और डॉ सादिक हुसैन आदि मौजूद रहे।