{"_id":"5aef38d14f1c1b87028b863f","slug":"152562708711-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"देवप्रयाग पहुंची जगदिशाला डोली, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देवप्रयाग पहुंची जगदिशाला डोली, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
Updated Sun, 06 May 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवप्रयाग/कीर्तिनगर। ढोल नागड़ों और निशाणों के साथ तीर्थनगरी देवप्रयाग पहुंची बाबा विश्वनाथ जगदीशिला की रथ यात्रा के दर्शन को भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। यहां श्री रघुनाथ मंदिर परिसर में तीर्थपुरोहितों और क्षेत्रवासियों ने डोली का पूजन किया। संगम पर गंगा स्नान के बाद डोली जोशीमठ के लिए रवाना हुई।
रविवार को जगदीशिला डोली यात्रा देवप्रयाग संगम स्थल पर पहुंची। राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के छात्राओं की ओर से यहां वेद मंत्रों से डोली का अभिषेक किया गया। यात्रा देवप्रयाग, कीर्तिनगर, श्रीनगर होते हुए जोशीमठ नरसिंह मंदिर पहुंचेगी। यात्रा संयोजक पूर्व काबीना मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य उत्तराखंड के तीर्थों को विश्व पटल पर पहचान दिलाना है। साथ ही डोली यात्रा के दौरान जन समस्याओं की जानकारी लेकर सरकार तक पहुंचाने का कार्य भी किया जाएगा। नैथानी ने कहा कि तीर्थों के निकट संस्कृत विद्यालयों की स्थापना की जानी चाहिए। कहा कि आल वेदर रोड के कारण बेरोजगार हो रहे लोगों का मुद्दा भी यात्रा के दौरान सामने आया है। इस मौके पर डोली यात्रा समिति अध्यक्ष रूप सिंह बजियाला, पश्वा कुंवर सिंह राणा, परमवीर पवार, मनोज, चन्द्र सिंह रावत, रामप्रसाद, दिगम्बर सिंह, बलबीर सिंह, लखपत सिंह, सुरेश टोडरिया, जेपी जोशी, दुर्गेश सती, शोभित नौटियाल, अशोक कुमार सहित उत्तरकाशी के लोकवादक मनोज और राकेश शामिल थे। यात्रा का समापन 27 मई को विसोन पर्वत हिदाव (टिहरी) में किया जाएगा। वहीं श्रीनगर के कमलेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं ने जगदीशिला डोली का भव्य स्वागत कर सुख समृद्धि और शांति की कामना की। इस दौरान राकेश बिष्ट, लाल सिंह नेगी, वीरेंद्र नेगी, हीरालाल जैन आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
रविवार को जगदीशिला डोली यात्रा देवप्रयाग संगम स्थल पर पहुंची। राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के छात्राओं की ओर से यहां वेद मंत्रों से डोली का अभिषेक किया गया। यात्रा देवप्रयाग, कीर्तिनगर, श्रीनगर होते हुए जोशीमठ नरसिंह मंदिर पहुंचेगी। यात्रा संयोजक पूर्व काबीना मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य उत्तराखंड के तीर्थों को विश्व पटल पर पहचान दिलाना है। साथ ही डोली यात्रा के दौरान जन समस्याओं की जानकारी लेकर सरकार तक पहुंचाने का कार्य भी किया जाएगा। नैथानी ने कहा कि तीर्थों के निकट संस्कृत विद्यालयों की स्थापना की जानी चाहिए। कहा कि आल वेदर रोड के कारण बेरोजगार हो रहे लोगों का मुद्दा भी यात्रा के दौरान सामने आया है। इस मौके पर डोली यात्रा समिति अध्यक्ष रूप सिंह बजियाला, पश्वा कुंवर सिंह राणा, परमवीर पवार, मनोज, चन्द्र सिंह रावत, रामप्रसाद, दिगम्बर सिंह, बलबीर सिंह, लखपत सिंह, सुरेश टोडरिया, जेपी जोशी, दुर्गेश सती, शोभित नौटियाल, अशोक कुमार सहित उत्तरकाशी के लोकवादक मनोज और राकेश शामिल थे। यात्रा का समापन 27 मई को विसोन पर्वत हिदाव (टिहरी) में किया जाएगा। वहीं श्रीनगर के कमलेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं ने जगदीशिला डोली का भव्य स्वागत कर सुख समृद्धि और शांति की कामना की। इस दौरान राकेश बिष्ट, लाल सिंह नेगी, वीरेंद्र नेगी, हीरालाल जैन आदि मौजूद थे।
विज्ञापन