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नारायणबगड़ बाजार में आधे अधूरे पड़े हैं बाढ़ सुरक्षा कार्य
Updated Fri, 04 May 2018 11:00 PM IST
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नारायणबगड़। जून 2013 की आपदा में पिंडर नदी के जल प्रलय से ब्लॉक मुख्यालय नारायणबगड़ का पुराना बाजार और झूला पुल बह गए थे। तब से ग्रामीण यहां नदी के तटों पर सुरक्षा दीवार और चैकडेम निर्माण की मांग कर रहे है।
पिंडर नदी की बाढ़ ने नारायणबगड़ बाजार के तटों पर भारी तबाही मचाई थी। स्थानीय लोगों ने पिंडर नदी से बाजार और आवासीय भवनों की सुरक्षा के लिए शासन से नदी के तटों पर सुरक्षा दीवार और चैकडेम निर्माण की मांग की थी। जनता की मांग पर तत्कालीन राज्य सरकार ने लगभग 9 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर सिंचाई विभाग को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी दी। कार्यदाई विभाग ने वर्ष 2014 से 2017 तक बाढ़ सुरक्षा कार्य किए थे, लेकिन कार्यदाई विभाग के आला अधिकारियों ने बाजार के जीत सिंह मार्केट से मुख्य बाजार के मध्य लगभग 500 मीटर निर्माण कार्य आधा-अधूरा छोड़ कर अपने कार्यों की इतिश्री कर दी है। इससे नारायणबगड़ बाजार को पिंडर नदी के कटाव से खतरा बना हुआ है। ग्राम प्रधान केवर नवीन नेगी ने बताया कि कई बार यहां पर हुए आधे-अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा करने की मांग की गई, लेकिन सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो पा रही है। चेतावनी दी कि अगर जल्द बाढ़ सुरक्षा का कार्य पूर्ण नहीं किया गया तो स्थानीय लोगों आंदोलन करेंगे। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता जेपी थपलियाल ने बताया कि आवासीय बस्ती और कृषि भूमि नहीं होने के कारण विभाग की ओर से नारायणबगड़ बाजार के कुछ हिस्सों में कार्य नहीं किया जा रहा है।
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पिंडर नदी की बाढ़ ने नारायणबगड़ बाजार के तटों पर भारी तबाही मचाई थी। स्थानीय लोगों ने पिंडर नदी से बाजार और आवासीय भवनों की सुरक्षा के लिए शासन से नदी के तटों पर सुरक्षा दीवार और चैकडेम निर्माण की मांग की थी। जनता की मांग पर तत्कालीन राज्य सरकार ने लगभग 9 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर सिंचाई विभाग को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी दी। कार्यदाई विभाग ने वर्ष 2014 से 2017 तक बाढ़ सुरक्षा कार्य किए थे, लेकिन कार्यदाई विभाग के आला अधिकारियों ने बाजार के जीत सिंह मार्केट से मुख्य बाजार के मध्य लगभग 500 मीटर निर्माण कार्य आधा-अधूरा छोड़ कर अपने कार्यों की इतिश्री कर दी है। इससे नारायणबगड़ बाजार को पिंडर नदी के कटाव से खतरा बना हुआ है। ग्राम प्रधान केवर नवीन नेगी ने बताया कि कई बार यहां पर हुए आधे-अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा करने की मांग की गई, लेकिन सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो पा रही है। चेतावनी दी कि अगर जल्द बाढ़ सुरक्षा का कार्य पूर्ण नहीं किया गया तो स्थानीय लोगों आंदोलन करेंगे। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता जेपी थपलियाल ने बताया कि आवासीय बस्ती और कृषि भूमि नहीं होने के कारण विभाग की ओर से नारायणबगड़ बाजार के कुछ हिस्सों में कार्य नहीं किया जा रहा है।
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