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गरुड़चट्टी मोटरब्रिज पर पड़ी दरारें
Updated Fri, 04 May 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
करोड़ों की लागत से बना गरुड़चट्टी मोटर ब्रिज का दरारें पड़ने लगी हैं, जिससे पुल पर आवागमन में लोग जोखिम महसूस करने लगे हैं। यह स्थिति तब है जबकि इस ब्रिज की वर्ष 2012 में बाकायदा स्ट्रैंथनिंग भी कराई जा चुकी है, जिसमें करीब 1.35 करोड़ की लागत आई थी। इस दौरान पुल को यातायात के लिए छह माह तक बंद रखा गया था। बावजूद इसके ब्रिज पर पड़ी दरारों से विभागीय अधिकारी बेखबर हैं।
गरुड़चट्टी मोटर पुल पर के बीचोंबीच ब्रह्ममपुरी और गरुड़चट्टी दोनों साइटों पर हल्की दरारें साफ नजर आ रही हैं। दोनों छोरों से 10 से 15 मीटर पुल की ओर और मध्य में पुल की लंबाई और चौड़ाई में आधा दर्जन दरारें पड़ी हुई हैं, जिसके चलते स्थानीय लोग ब्रिज पर आवागमन को असुरक्षित बताने लगे हैं।
कोट्स
गरुड़चट्टी ब्रिज सेफ है, पुल को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। रही बात दरारें पड़ने की तो ब्रिज के ऊपर वियरिंग कोट पर ट्रैफिक दबाव के कारण क्रेक आ सकते हैं, मगर पुल को इससे कोई नुकसान नहीं है। ब्रिज निर्माण के बाद इसकी क्षमता को लेकर परीक्षण कराया गया है, साथ ही सुरक्षा के लिए अलग से स्ट्रैंथनिंग भी कराई गई है। फिर भी शुक्रवार को सहायक अभियंता को मौके पर भेजकर दरारों को दिखवाया जाएगा।
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- निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्लूडी दुगड्डा डिवीजन।
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करोड़ों की लागत से बना गरुड़चट्टी मोटर ब्रिज का दरारें पड़ने लगी हैं, जिससे पुल पर आवागमन में लोग जोखिम महसूस करने लगे हैं। यह स्थिति तब है जबकि इस ब्रिज की वर्ष 2012 में बाकायदा स्ट्रैंथनिंग भी कराई जा चुकी है, जिसमें करीब 1.35 करोड़ की लागत आई थी। इस दौरान पुल को यातायात के लिए छह माह तक बंद रखा गया था। बावजूद इसके ब्रिज पर पड़ी दरारों से विभागीय अधिकारी बेखबर हैं।
गरुड़चट्टी मोटर पुल पर के बीचोंबीच ब्रह्ममपुरी और गरुड़चट्टी दोनों साइटों पर हल्की दरारें साफ नजर आ रही हैं। दोनों छोरों से 10 से 15 मीटर पुल की ओर और मध्य में पुल की लंबाई और चौड़ाई में आधा दर्जन दरारें पड़ी हुई हैं, जिसके चलते स्थानीय लोग ब्रिज पर आवागमन को असुरक्षित बताने लगे हैं।
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कोट्स
गरुड़चट्टी ब्रिज सेफ है, पुल को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। रही बात दरारें पड़ने की तो ब्रिज के ऊपर वियरिंग कोट पर ट्रैफिक दबाव के कारण क्रेक आ सकते हैं, मगर पुल को इससे कोई नुकसान नहीं है। ब्रिज निर्माण के बाद इसकी क्षमता को लेकर परीक्षण कराया गया है, साथ ही सुरक्षा के लिए अलग से स्ट्रैंथनिंग भी कराई गई है। फिर भी शुक्रवार को सहायक अभियंता को मौके पर भेजकर दरारों को दिखवाया जाएगा।
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- निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्लूडी दुगड्डा डिवीजन।