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आंधी ने अस्त-व्यस्त किया जनजीवन
Updated Thu, 03 May 2018 02:40 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
क्षेत्र में चले तेज आंधी के बीच जौनसार बावर से लेकर पछवादून तक में जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई जगहों पर हाईटेंशन लाइनों पर पेड़ की टहनियां टूट कर जा गिरी। जिससे 74 से अधिक गांवों की बत्ती गुल हो गई। लोगों को अंधेरे में रात काटनी पड़ी। मौसम खुलते ही विभाग ने लाइनों की मेंटीनेंस का काम शुरू कर दिया।
बुधवार की शाम चार बजे क्षेत्र में अचानक मौसम ने करवट बदल ली। तेज आंधी चलने लेगी। जिससे पछवादून क्षेत्र में एनफील्ड, बुलाकीवाला, बरोटीवाला, बावड़ी, जमनीपुर तप्पड़ और कालसी क्षेत्र में विद्युत लाइनों पर पेड़ों की टहनियां टूट कर जा गिरी। जिससे लक्ष्मीपुर, बदामावाला, जीवनगढ़, बरोटीवाला, भीमावाला, एनफील्ड, दुर्गा विहार समेत 24 से अधिक गांवों की बत्ती गुल हो गई। वहीं जौनसार बावर क्षेत्र में कोटी, साव्वड़ा, अटाल के पास पेड़ों की टहनियां टूट कर जा गिरी। जिससे सावड़ा और त्यूनी सब स्टेशन से जुड़े त्यूनी, हनोल, चातरा, चातरीगाड, रड़ू, कुल्हा, कोटी, बृनाड़, बास्तिल, डेरनाड़, दारागाड़, अटाल, सावड़ा समेत 50 गांव की बत्ती गुल हो गई। लोगों को अंधेरे में रात काटने को मजबूर होना पड़ा। रोजमर्रा के काम निपटाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मौसम साफ होते ही क्षेत्र में लाइनों को ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है। ज्यादातर गांव में देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। - गुरदीप सिंह, एसडीओ, यूपीसीएल
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फोटो
आंधी-बारिश से फसलों को नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
विकासनगर/त्यूनी।
बारिश की बूंदे जहां लोगों के लिए राहत बन बरसी। वहीं बारिश के साथ चली आंधी ने काश्तकारों की कमर तोड़ कर रख दी। क्षेत्र में हुई बारिश के साथ ही ऊंचाई वाले इलाकों में ओलावृष्टि हुई। जिससे फसलों को खासा नुकसान का अनुमान है। मैदानी अंचलों में कई जगहों पर खेतों में काट कर रखी गई गेहूं की फसल बारिश में भीग गई। जिससे काश्तकारों को बड़े पैमाने पर आर्थिकी का नुकसान उठाना पड़ा। कई इलाकों में आंधी चलने से आम और लीची पर लगा फल झड़ गया। जौनसार बावर में क्षेत्र में क्वांसी, कुना, म्यूंडा, जोगियो, खारसी, मानुवा, कथियान, डांगूठा, पट्यूड़, एथांड, भुन्हाड़, हरटाड़, छजाड़, भटाड़, खादरा, पुरटाड़, रड़ू, मुंधोल, डेरसा, प्यूनल, भाटगढ़ी समेत 24 से अधिक गांवों में 20-25 मिनट तक जमकर ओलावृष्टि हुई। जिससे सेब, पुलम, खुमानी, आड़ू, नाशपाती, टमाटर, आलू, मटर, प्याज आदि फसलों को नुकसान पहुंचा है। काश्तकारों ने तहसील प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है। एसडीएम कालसी बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि मामले में राजस्व उपनिरीक्षकों से रिपोर्ट मांगी गई है।
आंधी से तीन घरों की छत उड़ी
त्यूनी(ब्यूरो)। क्षेत्र में चले तेज आंधी के बीच भंगार गांव निवासी दौलतू के घर की छत उड़ गई। घर में रखा सारा सामान बारिश में भीग कर बर्बाद हो गया। उसनेे पड़ोसी के यहां शरण ली हुई है। वहीं ग्राम पंचायत के सैंज कुनैन के नडार खेड़ा में अवतार सिंह और लक्ष्मण सिंह के मकानों की छत उड़ गई। उक्त दोनों लोगों ने भी पड़ोसियों के यहां शरण ली हुई है। उक्त तीनों घरों की छत टीन और लकड़ी के फट्टों की बनी हुई थी। पीड़ितों ने तहसील प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है।
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क्षेत्र में चले तेज आंधी के बीच जौनसार बावर से लेकर पछवादून तक में जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई जगहों पर हाईटेंशन लाइनों पर पेड़ की टहनियां टूट कर जा गिरी। जिससे 74 से अधिक गांवों की बत्ती गुल हो गई। लोगों को अंधेरे में रात काटनी पड़ी। मौसम खुलते ही विभाग ने लाइनों की मेंटीनेंस का काम शुरू कर दिया।
बुधवार की शाम चार बजे क्षेत्र में अचानक मौसम ने करवट बदल ली। तेज आंधी चलने लेगी। जिससे पछवादून क्षेत्र में एनफील्ड, बुलाकीवाला, बरोटीवाला, बावड़ी, जमनीपुर तप्पड़ और कालसी क्षेत्र में विद्युत लाइनों पर पेड़ों की टहनियां टूट कर जा गिरी। जिससे लक्ष्मीपुर, बदामावाला, जीवनगढ़, बरोटीवाला, भीमावाला, एनफील्ड, दुर्गा विहार समेत 24 से अधिक गांवों की बत्ती गुल हो गई। वहीं जौनसार बावर क्षेत्र में कोटी, साव्वड़ा, अटाल के पास पेड़ों की टहनियां टूट कर जा गिरी। जिससे सावड़ा और त्यूनी सब स्टेशन से जुड़े त्यूनी, हनोल, चातरा, चातरीगाड, रड़ू, कुल्हा, कोटी, बृनाड़, बास्तिल, डेरनाड़, दारागाड़, अटाल, सावड़ा समेत 50 गांव की बत्ती गुल हो गई। लोगों को अंधेरे में रात काटने को मजबूर होना पड़ा। रोजमर्रा के काम निपटाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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मौसम साफ होते ही क्षेत्र में लाइनों को ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है। ज्यादातर गांव में देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। - गुरदीप सिंह, एसडीओ, यूपीसीएल
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फोटो
आंधी-बारिश से फसलों को नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
विकासनगर/त्यूनी।
बारिश की बूंदे जहां लोगों के लिए राहत बन बरसी। वहीं बारिश के साथ चली आंधी ने काश्तकारों की कमर तोड़ कर रख दी। क्षेत्र में हुई बारिश के साथ ही ऊंचाई वाले इलाकों में ओलावृष्टि हुई। जिससे फसलों को खासा नुकसान का अनुमान है। मैदानी अंचलों में कई जगहों पर खेतों में काट कर रखी गई गेहूं की फसल बारिश में भीग गई। जिससे काश्तकारों को बड़े पैमाने पर आर्थिकी का नुकसान उठाना पड़ा। कई इलाकों में आंधी चलने से आम और लीची पर लगा फल झड़ गया। जौनसार बावर में क्षेत्र में क्वांसी, कुना, म्यूंडा, जोगियो, खारसी, मानुवा, कथियान, डांगूठा, पट्यूड़, एथांड, भुन्हाड़, हरटाड़, छजाड़, भटाड़, खादरा, पुरटाड़, रड़ू, मुंधोल, डेरसा, प्यूनल, भाटगढ़ी समेत 24 से अधिक गांवों में 20-25 मिनट तक जमकर ओलावृष्टि हुई। जिससे सेब, पुलम, खुमानी, आड़ू, नाशपाती, टमाटर, आलू, मटर, प्याज आदि फसलों को नुकसान पहुंचा है। काश्तकारों ने तहसील प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है। एसडीएम कालसी बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि मामले में राजस्व उपनिरीक्षकों से रिपोर्ट मांगी गई है।
आंधी से तीन घरों की छत उड़ी
त्यूनी(ब्यूरो)। क्षेत्र में चले तेज आंधी के बीच भंगार गांव निवासी दौलतू के घर की छत उड़ गई। घर में रखा सारा सामान बारिश में भीग कर बर्बाद हो गया। उसनेे पड़ोसी के यहां शरण ली हुई है। वहीं ग्राम पंचायत के सैंज कुनैन के नडार खेड़ा में अवतार सिंह और लक्ष्मण सिंह के मकानों की छत उड़ गई। उक्त दोनों लोगों ने भी पड़ोसियों के यहां शरण ली हुई है। उक्त तीनों घरों की छत टीन और लकड़ी के फट्टों की बनी हुई थी। पीड़ितों ने तहसील प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है।