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मदरसों से दें पर्यावरण संरक्षण का संदेश : चिदानंद
Updated Wed, 02 May 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, मुनिकीरेती ।
परमार्थ निकेतन आश्रम में सदर जमीयत उलेमा ए हिंद के मुफ्ती रईस अहमद कासमी और मौलाना मोहम्मद जाहिद ने आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि से भेंट की। इस मौके पर स्वामी ने उनसे मदरसों में पौधरोपण कराने और विद्यार्थियों को पर्यावरण व नदियों के संरक्षण के लिए प्रेरित करने आदि बिंदुओं पर चर्चा की । उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि पर्यावरण को बचाने के लिए हम सबको आगे बढ़कर कार्य करना होगा। गंगा समेत देश की लगभग सभी अन्य नदियां लगातार प्रदूषित हो रही हैं। नदियों को स्वच्छ व अविरल बनाने के लिए युवाओं को प्रेरित करने की आवश्यकता है। कहा कि वृक्षों के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती, लिहाजा स्वस्थ और सुखी जीवन के लिए पौधरोपण करना आवश्यक है।
वायु प्रदूषण पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यदि प्रकृति व पर्यावरण का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाले समय में बच्चों को स्कूल बैग की जगह ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर चलना पड़ सकता है। कहा कि पेड़ लगाकर ही पर्यावरण को दूषित होने से बचाया जा सकता है। मुफ्ती रईस अहमद कासमी ने पर्यावरण, नदियों की स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और शौचालय निर्माण के लिए परमार्थ निकेतन की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर स्वामी ने उन्हें रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया।
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परमार्थ निकेतन आश्रम में सदर जमीयत उलेमा ए हिंद के मुफ्ती रईस अहमद कासमी और मौलाना मोहम्मद जाहिद ने आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि से भेंट की। इस मौके पर स्वामी ने उनसे मदरसों में पौधरोपण कराने और विद्यार्थियों को पर्यावरण व नदियों के संरक्षण के लिए प्रेरित करने आदि बिंदुओं पर चर्चा की । उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि पर्यावरण को बचाने के लिए हम सबको आगे बढ़कर कार्य करना होगा। गंगा समेत देश की लगभग सभी अन्य नदियां लगातार प्रदूषित हो रही हैं। नदियों को स्वच्छ व अविरल बनाने के लिए युवाओं को प्रेरित करने की आवश्यकता है। कहा कि वृक्षों के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती, लिहाजा स्वस्थ और सुखी जीवन के लिए पौधरोपण करना आवश्यक है।
वायु प्रदूषण पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यदि प्रकृति व पर्यावरण का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाले समय में बच्चों को स्कूल बैग की जगह ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर चलना पड़ सकता है। कहा कि पेड़ लगाकर ही पर्यावरण को दूषित होने से बचाया जा सकता है। मुफ्ती रईस अहमद कासमी ने पर्यावरण, नदियों की स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और शौचालय निर्माण के लिए परमार्थ निकेतन की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर स्वामी ने उन्हें रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया।
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