{"_id":"5ae4d6134f1c1b23338b59d0","slug":"15249464512-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब बहुरेंगे प्राइमरी गुड़रिच के दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब बहुरेंगे प्राइमरी गुड़रिच के दिन
Updated Sun, 29 Apr 2018 01:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर।
प्राथमिक विद्यालय गुड़रिच में पढ़ने वाले नौनिहालों को अब बरसात में टपकती हुई छत के नीचे पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। उन्हें छत से टूट कर नीचे गिरते प्लास्टर का भी खतरा नहीं सताएगा। शासन स्तर पर स्कूल के नए भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपये के बजट को स्वीकृति मिल गई है।
वर्ष 1950 में स्कूल भवन का निर्माण किया गया। जिसके बाद 68 साल में विभाग ने भवन की कोई सुध नहीं ली। जिसके चलते भवन बदहाल हो गया। खिड़की, दरवाजे टूटने लगे। छतों और दीवारों से प्लास्टर टूट कर झड़ने लगा। बरसात में कमरे तालाब में तब्दील होने लगी। भवन बदहाली के कारण छात्र संख्या भी तेजी से घटती चली गई। वर्तमान में स्कूल में महज 17 छात्र अध्ययनरत हैं।
स्कूल की प्रधानाध्यापिका निर्मला देवी का कहना है कि स्कूल के नए भवन निर्माण से बरसात में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। वर्तमान में छत से टूट गिरते प्लास्टर के कारण कई छात्र हादसों का शिकार होते-होते बचे हैं।
विज्ञापन
बीईओ वीपी सिंह ने कहा कि जल्द ही स्कूल प्रबंधन के साथ वार्ता कर स्कूल भवन के निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए जेई को भी निर्देशित कर दिया गया है।
विज्ञापन
विकासनगर।
प्राथमिक विद्यालय गुड़रिच में पढ़ने वाले नौनिहालों को अब बरसात में टपकती हुई छत के नीचे पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। उन्हें छत से टूट कर नीचे गिरते प्लास्टर का भी खतरा नहीं सताएगा। शासन स्तर पर स्कूल के नए भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपये के बजट को स्वीकृति मिल गई है।
वर्ष 1950 में स्कूल भवन का निर्माण किया गया। जिसके बाद 68 साल में विभाग ने भवन की कोई सुध नहीं ली। जिसके चलते भवन बदहाल हो गया। खिड़की, दरवाजे टूटने लगे। छतों और दीवारों से प्लास्टर टूट कर झड़ने लगा। बरसात में कमरे तालाब में तब्दील होने लगी। भवन बदहाली के कारण छात्र संख्या भी तेजी से घटती चली गई। वर्तमान में स्कूल में महज 17 छात्र अध्ययनरत हैं।
विज्ञापन
स्कूल की प्रधानाध्यापिका निर्मला देवी का कहना है कि स्कूल के नए भवन निर्माण से बरसात में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। वर्तमान में छत से टूट गिरते प्लास्टर के कारण कई छात्र हादसों का शिकार होते-होते बचे हैं।
विज्ञापन
बीईओ वीपी सिंह ने कहा कि जल्द ही स्कूल प्रबंधन के साथ वार्ता कर स्कूल भवन के निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए जेई को भी निर्देशित कर दिया गया है।