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पशु प्रेमियों ने वाटर होल तक पहुंचाया पानी
Updated Sat, 28 Apr 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
अनियोजित विकास और वनों के अंधाधुंध दोहन से इंसानों के साथ ही जंगली जानवरों को भी प्रकृति की मार झेलनी पड़ रही है। भीषण गर्मी में ऋषिकेश वन रेंज में जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था के लिए बने वाटर होल सूखे पड़े हैं। जानवरों की पीड़ा को समझते हुए ढालवाला निवासी पशु प्रेमी हुकुम सिंह और अशोक राजभर ने वन विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में वन बीट में बने वाटर होल में दो टैंक करीब तीन हजार लीटर पानी की व्यवस्था की।
ऋषिकेश वनरेंज अधिकारी आरपीएस नेगी ने बताया कि गर्मी बढ़ने के कारण जंगलों में प्राकृतिक स्रोत खत्म हो गए हैं, जिसके कारण जानवर आबादी की ओर चहल कदमी शुरू कर रहे हैं। बताया कि ऋषिकेश वनरेंज में जानवरों के पेयजल व्यवस्था के लिए छह वाटर होल बने हैं। वन विभाग के पास इतना बजट उपलब्ध नहीं है कि प्रतिदिन जंगली जानवरों के लिए वाटर होल में पानी की व्यवस्था की जा सके। उन्होंने समाजसेवी व पशु प्रेमियों से जंगली जानवरों के लिए बनाए गए वाटर होल में पानी उपलब्ध कराने के लिए आगे आने की अपील की है।
बताया कि विभाग के पास जंगली जानवरों के पानी की व्यवस्था के लिए ट्यूबवेल उपलब्ध है। पानी को ट्यूबवेल से वाटर होल तक पहुंचाने के लिए विभाग को टैंकरों की आवश्यकता है, जिनके जरिए पानी वाटर होल तक पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर वनकर्मी मंशाराम गौड़, शैलेंद्र सिंह नेगी, सुनील रावत आदि मौजूद थे।
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अनियोजित विकास और वनों के अंधाधुंध दोहन से इंसानों के साथ ही जंगली जानवरों को भी प्रकृति की मार झेलनी पड़ रही है। भीषण गर्मी में ऋषिकेश वन रेंज में जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था के लिए बने वाटर होल सूखे पड़े हैं। जानवरों की पीड़ा को समझते हुए ढालवाला निवासी पशु प्रेमी हुकुम सिंह और अशोक राजभर ने वन विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में वन बीट में बने वाटर होल में दो टैंक करीब तीन हजार लीटर पानी की व्यवस्था की।
ऋषिकेश वनरेंज अधिकारी आरपीएस नेगी ने बताया कि गर्मी बढ़ने के कारण जंगलों में प्राकृतिक स्रोत खत्म हो गए हैं, जिसके कारण जानवर आबादी की ओर चहल कदमी शुरू कर रहे हैं। बताया कि ऋषिकेश वनरेंज में जानवरों के पेयजल व्यवस्था के लिए छह वाटर होल बने हैं। वन विभाग के पास इतना बजट उपलब्ध नहीं है कि प्रतिदिन जंगली जानवरों के लिए वाटर होल में पानी की व्यवस्था की जा सके। उन्होंने समाजसेवी व पशु प्रेमियों से जंगली जानवरों के लिए बनाए गए वाटर होल में पानी उपलब्ध कराने के लिए आगे आने की अपील की है।
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बताया कि विभाग के पास जंगली जानवरों के पानी की व्यवस्था के लिए ट्यूबवेल उपलब्ध है। पानी को ट्यूबवेल से वाटर होल तक पहुंचाने के लिए विभाग को टैंकरों की आवश्यकता है, जिनके जरिए पानी वाटर होल तक पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर वनकर्मी मंशाराम गौड़, शैलेंद्र सिंह नेगी, सुनील रावत आदि मौजूद थे।
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