{"_id":"5adf99684f1c1b57098b65d5","slug":"152460324112-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाली-उतराखंड करेंगे एक दूसरे का सहयोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाली-उतराखंड करेंगे एक दूसरे का सहयोग
Updated Wed, 25 Apr 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला,मुनिकीरेती ।
इंडोनेशिया स्थित बाली प्रांत के गवर्नर आई माडे मांग्कु पास्तिका ने कहा कि बाली राज्य की संस्कृति व रहन सहन भारतीय रीति रिवाज से काफी हद तक मिलती जुलती है। इसकी मुख्य वजह बाली प्रांत का हिंदू बाहुल्य होना है। बताया कि वहां हिंदुओं की जनसंख्या सर्वाधिक है। इसलिए बाली और उत्तराखंड एक दूसरे का सहयोग करेंगे। मंगलवार को तपोवन स्थित एक होटल में पहुंचे इंडोनेशिया के बाली प्रांत के गवर्नर आई माडे मांग्कु पास्तिका का सूबे के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने स्वागत किया।
गवर्नर पास्तिका ने बताया कि इंडोनेशिया मुस्लिम बाहुल्य देश है, मगर देश का बाली एक ऐसा प्रांत है, जहां हिंदुओं की जनसंख्या सबसे अधिक है। बीते वर्ष बाली में हिंदू समाज की ओर से मारकंडेय ऋषि के वैशाखी मंदिर का भव्य निर्माण किया गया है। इस दौरान पर्यटन विभाग की ज्वाइंट डायरेक्टर पूनम चंद ने बताया कि उत्तराखंड का इंडोनेशिया के साथ पर्यटन गतिविधियों को लेकर करार हुआ है। सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में बाली व उत्तराखंड के बीच एमओयू साइन किया गया। प्रदेश की ओर से त्रिवेंद्र सिंह रावत और बाली के गवर्नर ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। करार में दोनों नेताओं ने इंडोनेशिया के बाली प्रांत व उत्तराखंड राज्य को सिस्टर सिटी घोषित करने पर सहमति जताई है।
एमओयू में पर्यटन, संस्कृति, ई-गवर्नेस, स्वास्थ्य, पर्यावरण आदि क्षेत्रों में सहयोग किए जाने पर सहमति बनी है। इस मौके पर भारत में इंडोनेशिया के राजदूत रिजकू मुलाताज्म, गवर्नर के साथ आए बाली प्रांत के प्लानिंग डायरेक्टर वायन विस्थाना इका पुत्रा, कल्चरल डायरेक्टर देवा पुटा बेराथा, प्रोटोकोल ब्यूरो व पब्लिक रिलेशन डायरेक्टर आई देवा गेड महींद्रा पुत्रा, डिप्टी डायरेक्टर आई केटुट गेड अरनावा, प्राइवेट सेक्रेट्री आई मेड महाडे सनाताना, होटल संचालक एचएस बिष्ट, विजय सिंह बिष्ट, नमन द्विवेदी और संदीप भट्ट आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इंडोनेशिया स्थित बाली प्रांत के गवर्नर आई माडे मांग्कु पास्तिका ने कहा कि बाली राज्य की संस्कृति व रहन सहन भारतीय रीति रिवाज से काफी हद तक मिलती जुलती है। इसकी मुख्य वजह बाली प्रांत का हिंदू बाहुल्य होना है। बताया कि वहां हिंदुओं की जनसंख्या सर्वाधिक है। इसलिए बाली और उत्तराखंड एक दूसरे का सहयोग करेंगे। मंगलवार को तपोवन स्थित एक होटल में पहुंचे इंडोनेशिया के बाली प्रांत के गवर्नर आई माडे मांग्कु पास्तिका का सूबे के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने स्वागत किया।
गवर्नर पास्तिका ने बताया कि इंडोनेशिया मुस्लिम बाहुल्य देश है, मगर देश का बाली एक ऐसा प्रांत है, जहां हिंदुओं की जनसंख्या सबसे अधिक है। बीते वर्ष बाली में हिंदू समाज की ओर से मारकंडेय ऋषि के वैशाखी मंदिर का भव्य निर्माण किया गया है। इस दौरान पर्यटन विभाग की ज्वाइंट डायरेक्टर पूनम चंद ने बताया कि उत्तराखंड का इंडोनेशिया के साथ पर्यटन गतिविधियों को लेकर करार हुआ है। सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में बाली व उत्तराखंड के बीच एमओयू साइन किया गया। प्रदेश की ओर से त्रिवेंद्र सिंह रावत और बाली के गवर्नर ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। करार में दोनों नेताओं ने इंडोनेशिया के बाली प्रांत व उत्तराखंड राज्य को सिस्टर सिटी घोषित करने पर सहमति जताई है।
विज्ञापन
एमओयू में पर्यटन, संस्कृति, ई-गवर्नेस, स्वास्थ्य, पर्यावरण आदि क्षेत्रों में सहयोग किए जाने पर सहमति बनी है। इस मौके पर भारत में इंडोनेशिया के राजदूत रिजकू मुलाताज्म, गवर्नर के साथ आए बाली प्रांत के प्लानिंग डायरेक्टर वायन विस्थाना इका पुत्रा, कल्चरल डायरेक्टर देवा पुटा बेराथा, प्रोटोकोल ब्यूरो व पब्लिक रिलेशन डायरेक्टर आई देवा गेड महींद्रा पुत्रा, डिप्टी डायरेक्टर आई केटुट गेड अरनावा, प्राइवेट सेक्रेट्री आई मेड महाडे सनाताना, होटल संचालक एचएस बिष्ट, विजय सिंह बिष्ट, नमन द्विवेदी और संदीप भट्ट आदि मौजूद थे।
विज्ञापन