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रेबीज के टीके नहीं होने पर किया हंगामा
Updated Fri, 20 Apr 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
रेबीज का टीका लगवाने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विकासनगर में बच्चे के साथ पहुंचे परिजनों को अस्पताल में मौजूद स्टाफ करीब दो घंटे तक यहां-वहां टरकाता रहा। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने वैक्सीन न होने की बात कह उन्हें बाहर से वैक्सीन खरीद कर लाने की बात कही। इस पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने परिसर में जमकर नारेबाजी कर हंगामा किया। अस्पताल प्रबंधन पर हीलाहवाली बरतने का आरोप लगाया। प्रभारी चिकित्साधिकारी के आश्वासन पर परिजन शांत हुए।
बृहस्पतिवार को विकासनगर निवासी धर्मेंद्र के आठ वर्षीय बच्चे गौरव को कुत्ते ने काट लिया था। इस पर परिजन उसे वैक्सीनेशन के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि पर्चा बनाने के करीब दो घंटे तक अस्पताल में मौजूद स्टाफ उन्हें यहां-वहां घूमाता रहा। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने वैक्सीन न होने की बात कह उन्हें बाहर से खरीदने की बात कही। इस पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उनके समर्थन में सभासद शम्मी प्रकाश और कांग्रेस के प्रदेश सचिव संजय किशोर के साथ ही कई लोग अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद लोगों ने अस्पताल प्रबंधन पर हीलाहवाली का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सभासद शम्मी प्रकाश ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा लोगों को सही जानकारी नहीं दी जाती। प्रभारी चिकित्साधिकारी भी अपने कक्ष में नहीं बैठते। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। इलाज के नाम पर लोगों को टरकाया जाता है। पर्चा बनाने के बाद ही यदि परिजन को टीका मौजूद न होने की जानकारी दे दी जाती तो यह नौबत नहीं आती। उधर, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. केके शर्मा ने बताया कि अस्पताल में करीब 20 दिन से रेबीज की वैक्सीन नहीं है। इस संबंध में अस्पताल के बाहर भी नोटिस चस्पा किया गया है।
बाजार से महंगे दाम पर वैक्सीन खरीदने को मजबूर
अस्पताल में लंबे समय से रेबीज के टीके का टोटा बना हुआ है। इसके चलते अक्सर परिजनों को बाजार से महंगे दाम पर वैक्सीन खरीदनी पड़ी है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. केके शर्मा ने बताया कि अस्पताल में रोजाना 30-40 लोग वैक्सीनेशन के लिए पहुंचते हैं जबकि, अस्पताल को 20-25 दिन में महज 20 ही वैक्सीन उपलब्ध होती है। उधर, इस संबंध में सीएमओ डॉ. वाईएस थपलियाल ने बताया कि पूरे जिले में ही इन दिनों वैक्सीन की कमी है। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
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रेबीज का टीका लगवाने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विकासनगर में बच्चे के साथ पहुंचे परिजनों को अस्पताल में मौजूद स्टाफ करीब दो घंटे तक यहां-वहां टरकाता रहा। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने वैक्सीन न होने की बात कह उन्हें बाहर से वैक्सीन खरीद कर लाने की बात कही। इस पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने परिसर में जमकर नारेबाजी कर हंगामा किया। अस्पताल प्रबंधन पर हीलाहवाली बरतने का आरोप लगाया। प्रभारी चिकित्साधिकारी के आश्वासन पर परिजन शांत हुए।
बृहस्पतिवार को विकासनगर निवासी धर्मेंद्र के आठ वर्षीय बच्चे गौरव को कुत्ते ने काट लिया था। इस पर परिजन उसे वैक्सीनेशन के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि पर्चा बनाने के करीब दो घंटे तक अस्पताल में मौजूद स्टाफ उन्हें यहां-वहां घूमाता रहा। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने वैक्सीन न होने की बात कह उन्हें बाहर से खरीदने की बात कही। इस पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उनके समर्थन में सभासद शम्मी प्रकाश और कांग्रेस के प्रदेश सचिव संजय किशोर के साथ ही कई लोग अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद लोगों ने अस्पताल प्रबंधन पर हीलाहवाली का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सभासद शम्मी प्रकाश ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा लोगों को सही जानकारी नहीं दी जाती। प्रभारी चिकित्साधिकारी भी अपने कक्ष में नहीं बैठते। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। इलाज के नाम पर लोगों को टरकाया जाता है। पर्चा बनाने के बाद ही यदि परिजन को टीका मौजूद न होने की जानकारी दे दी जाती तो यह नौबत नहीं आती। उधर, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. केके शर्मा ने बताया कि अस्पताल में करीब 20 दिन से रेबीज की वैक्सीन नहीं है। इस संबंध में अस्पताल के बाहर भी नोटिस चस्पा किया गया है।
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बाजार से महंगे दाम पर वैक्सीन खरीदने को मजबूर
अस्पताल में लंबे समय से रेबीज के टीके का टोटा बना हुआ है। इसके चलते अक्सर परिजनों को बाजार से महंगे दाम पर वैक्सीन खरीदनी पड़ी है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. केके शर्मा ने बताया कि अस्पताल में रोजाना 30-40 लोग वैक्सीनेशन के लिए पहुंचते हैं जबकि, अस्पताल को 20-25 दिन में महज 20 ही वैक्सीन उपलब्ध होती है। उधर, इस संबंध में सीएमओ डॉ. वाईएस थपलियाल ने बताया कि पूरे जिले में ही इन दिनों वैक्सीन की कमी है। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
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