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बैसाखी पर्व के बाद युवाओं ने चलाया सफाई अभियान
Updated Sun, 15 Apr 2018 11:00 PM IST
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देवप्रयाग। बैसाखी पर्व के दौरान संगम घाट और रामकुंड में फैली गंदगी को साफ करने का बीड़ा स्थानीय युवाओं ने उठाया है। युवाओं की इस पहल की सभी ने सराहना की है।
देवप्रयाग में बैसाखी के पर्व पर चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर छाया डोली पूजा करते हैं। इस अनुष्ठान में महिलाओं के पहने हुए कपड़ों को नदी किनारे ही छोड़ने की परंपरा है। ऐसे में यहां घाट पर कपड़ों के साथ ही कई तरह के कूड़े के ढेर लग जाते है। इसे देखते हुए नगर के कुछ युवाओं ने संगम घाट की सफाई की। युवा अखिलेश पंचभैया, श्रीकांत बडोला, ऋतिक, अतुल जोशी और अतुल कोटियाल सहित अन्य ने रविवार को श्रमदान कर घाटों की सफाई की। सफाई के दौरान एकत्रित हुए कपड़ों को एक जगह एकत्रित कर उन्होंने जरूरतमंद लोगों तक कपड़े पहुंचाने की मांग नगर पालिका से की। युवाओं ने बताया कि कि हर साल बैसाखी पूजन के बाद यही स्थिति होती है। कहना है कि इसको रोकने के लिये पालिका को श्रद्धालुओं को जागरूक करना चाहिए, ताकि लोग कपड़े एक जगह जमा कर दें। जो व्यक्ति कपड़े छोड़ते या गंदगी करते हुए पकड़ा जाए, उस पर जुर्माना लगाया जाए। तहसीलदार देवप्रयाग सिंहरुप सिंह नेगी ने कहा कि युवाओं की पहल सराहनीय है। उक्त कपड़े जरूरतमंदों को मिल जाए, इसके लिए पालिका को निर्देशित किया जाएगा।
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देवप्रयाग में बैसाखी के पर्व पर चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर छाया डोली पूजा करते हैं। इस अनुष्ठान में महिलाओं के पहने हुए कपड़ों को नदी किनारे ही छोड़ने की परंपरा है। ऐसे में यहां घाट पर कपड़ों के साथ ही कई तरह के कूड़े के ढेर लग जाते है। इसे देखते हुए नगर के कुछ युवाओं ने संगम घाट की सफाई की। युवा अखिलेश पंचभैया, श्रीकांत बडोला, ऋतिक, अतुल जोशी और अतुल कोटियाल सहित अन्य ने रविवार को श्रमदान कर घाटों की सफाई की। सफाई के दौरान एकत्रित हुए कपड़ों को एक जगह एकत्रित कर उन्होंने जरूरतमंद लोगों तक कपड़े पहुंचाने की मांग नगर पालिका से की। युवाओं ने बताया कि कि हर साल बैसाखी पूजन के बाद यही स्थिति होती है। कहना है कि इसको रोकने के लिये पालिका को श्रद्धालुओं को जागरूक करना चाहिए, ताकि लोग कपड़े एक जगह जमा कर दें। जो व्यक्ति कपड़े छोड़ते या गंदगी करते हुए पकड़ा जाए, उस पर जुर्माना लगाया जाए। तहसीलदार देवप्रयाग सिंहरुप सिंह नेगी ने कहा कि युवाओं की पहल सराहनीय है। उक्त कपड़े जरूरतमंदों को मिल जाए, इसके लिए पालिका को निर्देशित किया जाएगा।
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