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गंगाभेवा बावड़ी में मेले का आगाज
Updated Sat, 14 Apr 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
गंगभेवा बावड़ी में तीन दिवसीय बैसाखी मेला शुक्रवार से शुरू हो गया। मेले का शुभारंभ स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने फीता काटकर किया। लोगों ने गंगभेवा बावड़ी स्थित गौतम कुंड में स्नान कर पुण्य अर्जित किया। वहीं, मेले में लोगों ने जमकर खरीददारी भी की। मेले में तीन दिन तक विभिन्न आयोजन होंगे।
शुक्रवार को मेले का शुभारंभ विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने किया। उन्होंने सभी को बैसाखी पर्व की बधाई दी। वहीं मेले में लगे झूलों में झूलकर बच्चों ने खूब आनंद लिया। मेला कमेटी के सचिव नरेश बहुगुणा के मुताबिक शुक्रवार से लोगों ने कुंड में स्नान शुरू कर दिया। आज से दूर-दराज से श्रद्धालुओं का आना शुरू होगा। बताया कि आज से दंगल शुरू होगा। इसके अलावा अन्य आयोजन भी आने वाले तीन दिनों में किए जाएंगे। देर रात तक मेले में लोगों का आवागमन जारी रहा। मान्यता है कि गंगभेवा बावड़ी में गौतम ऋषि ने तपस्या की थी। बावड़ी (तालाब) में गंगा की धारा बहती है। जिसमें स्नान करने के बाद ही गौतम ऋषि तपस्या करते थे। तब से बैसाखी पर्व पर गंगभेवा बावड़ी में मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में मिट्टी के बर्तन, कृषि औजार की दुकानें खासा महत्व रखती हैं। बड़ी संख्या में सहारनपुर, मेरठ आदि से कुम्हार यहां बर्तन बेचने आते है। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भी तैनात किया गया। इस दौरान विपुल अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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गंगभेवा बावड़ी में तीन दिवसीय बैसाखी मेला शुक्रवार से शुरू हो गया। मेले का शुभारंभ स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने फीता काटकर किया। लोगों ने गंगभेवा बावड़ी स्थित गौतम कुंड में स्नान कर पुण्य अर्जित किया। वहीं, मेले में लोगों ने जमकर खरीददारी भी की। मेले में तीन दिन तक विभिन्न आयोजन होंगे।
शुक्रवार को मेले का शुभारंभ विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने किया। उन्होंने सभी को बैसाखी पर्व की बधाई दी। वहीं मेले में लगे झूलों में झूलकर बच्चों ने खूब आनंद लिया। मेला कमेटी के सचिव नरेश बहुगुणा के मुताबिक शुक्रवार से लोगों ने कुंड में स्नान शुरू कर दिया। आज से दूर-दराज से श्रद्धालुओं का आना शुरू होगा। बताया कि आज से दंगल शुरू होगा। इसके अलावा अन्य आयोजन भी आने वाले तीन दिनों में किए जाएंगे। देर रात तक मेले में लोगों का आवागमन जारी रहा। मान्यता है कि गंगभेवा बावड़ी में गौतम ऋषि ने तपस्या की थी। बावड़ी (तालाब) में गंगा की धारा बहती है। जिसमें स्नान करने के बाद ही गौतम ऋषि तपस्या करते थे। तब से बैसाखी पर्व पर गंगभेवा बावड़ी में मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में मिट्टी के बर्तन, कृषि औजार की दुकानें खासा महत्व रखती हैं। बड़ी संख्या में सहारनपुर, मेरठ आदि से कुम्हार यहां बर्तन बेचने आते है। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भी तैनात किया गया। इस दौरान विपुल अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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