{"_id":"5ad0ea0e4f1c1b63098b459c","slug":"152364084910compat-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदरीनाथ यात्रा मार्ग के वैकल्पिक मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे-compat","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदरीनाथ यात्रा मार्ग के वैकल्पिक मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे-compat
Updated Fri, 13 Apr 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोपेश्वर। बदरीनाथ तीर्थयात्रा को लेकर शासन-प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, वहीं वैकल्पिक मार्गों पर सुरक्षा इंतजाम भगवान भरोसे हैं। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद लोनिवि और एनएच इकाई की ओर से वैकल्पिक मार्गों पर पैच वर्क किया जा रहा है, लेकिन यहां सड़कों पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। ऐसे में बरसात के मौसम में यहां तीर्थयात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर नंदप्रयाग-कोठियालसैंण मोटर मार्ग को यात्राकाल में वैकल्पिक मार्ग के रुप में उपयोग किया जाता है। वर्ष 2016 की बारिश के दौरान हाईवे बंद होने पर एक सप्ताह तक इसी मार्ग से तीर्थयात्री वाहनों की आवाजाही करवाई गई। अब इस मार्ग पर क्वीरालू, बालखिला, मालधार और झूलाबगड़ में आवाजाही खतरनाक बनी हुई है। वहीं सड़क किनारे स्टील गार्डर न होने से भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। टैंटुणा भूस्खलन क्षेत्र में पुल न होने से स्थिति दयनीय बनी हुई है। वर्ष 2013 की आपदा के दौरान केदारनाथ क्षेत्र के लिए लाइफ लाइन साबित हुआ चमोली-ऊखीमठ मोटर मार्ग भी खस्ताहाल है। कई स्थानों पर हल्की बारिश में भी सड़क पर पानी का जमाव हो रहा है। चोपता के समीप सड़क ऊबड़-खाबड़ बनी हुई है।
कोट---------------------
नंदप्रयाग-कोठियालसैंण मोटर मार्ग का सुधारीकरण कार्य किया जा रहा है। सड़क पर पैच वर्क युद्ध स्तर पर जारी है। यात्राकाल के दौरान सड़क को सुचारु रखना हमारी पहली प्राथमिकताओं में है।
विज्ञापन
-धन सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि
विज्ञापन
बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर नंदप्रयाग-कोठियालसैंण मोटर मार्ग को यात्राकाल में वैकल्पिक मार्ग के रुप में उपयोग किया जाता है। वर्ष 2016 की बारिश के दौरान हाईवे बंद होने पर एक सप्ताह तक इसी मार्ग से तीर्थयात्री वाहनों की आवाजाही करवाई गई। अब इस मार्ग पर क्वीरालू, बालखिला, मालधार और झूलाबगड़ में आवाजाही खतरनाक बनी हुई है। वहीं सड़क किनारे स्टील गार्डर न होने से भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। टैंटुणा भूस्खलन क्षेत्र में पुल न होने से स्थिति दयनीय बनी हुई है। वर्ष 2013 की आपदा के दौरान केदारनाथ क्षेत्र के लिए लाइफ लाइन साबित हुआ चमोली-ऊखीमठ मोटर मार्ग भी खस्ताहाल है। कई स्थानों पर हल्की बारिश में भी सड़क पर पानी का जमाव हो रहा है। चोपता के समीप सड़क ऊबड़-खाबड़ बनी हुई है।
विज्ञापन
कोट---------------------
नंदप्रयाग-कोठियालसैंण मोटर मार्ग का सुधारीकरण कार्य किया जा रहा है। सड़क पर पैच वर्क युद्ध स्तर पर जारी है। यात्राकाल के दौरान सड़क को सुचारु रखना हमारी पहली प्राथमिकताओं में है।
विज्ञापन
-धन सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि