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याददाश्त बढ़ाने को एकाग्रस्त जरूरी : प्रतीक
Updated Fri, 13 Apr 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,मुनिकीरेती।
ओमकारानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (ओआईएमटी) की ओर से आयोजित कार्यशाला में मेमोरी किंग प्रतीक यादव ने छात्र-छात्राओं को याददाश्त बढ़ाने के गुर सिखाए। मुनिकीरेती स्थित संस्थान परिसर में आयोजित कार्यशाला में मेमोरी चैंपियन प्रतीक यादव ने छात्र- छात्राओं को बड़ी से बड़ी संख्या, आंकड़े व अनगिनत नामों को चंद सेकेंड में याद करने की विधि बताई। उन्होंने विद्यार्थियों को मेमोरी तकनीक से जुड़े विभिन्न पहलुओं की तकनीकी की जानकारी दी। बताया कि मनुष्य के दिमाग में बड़ी से बड़ी संख्या व पुरानी से पुरानी बातों को उम्र भर याद रखने की क्षमता है, जिसे तकनीकी मदद से हर कोई अपनी मेमोरी में सुरक्षित रख सकता है।
बताया कि विद्यार्थियों के लिए यह तकनीक उनकी परीक्षाओं में मददगार साबित हो सकती है। बशर्ते इसके लिए दिमाग को एकाग्रचित रखा जाए। संस्थान के अध्यक्ष मोहित कुमार धस्माना ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं की बौद्घिक क्षमता को बढ़ाना है। इस अवसर पर भरत सिंह तोमर, राजुल दत्त, प्रमोद उनियाल, डॉ.. राजेश मनचंदा, नरेंद्र पंवार, विकास गैरोला, सचिन गर्ग, मनमोहन लखेड़ा, देवप्रिय दास, मुकेश शर्मा, अनिल रणाकोटी, नवीन द्विवेदी, अपूर्व त्रिवेदी, आम्रपाली, आलोक कुमार, नितिका अरोड़ा, गीता कैंतुरा, हेमलता गुप्ता, नुपुर रैना, हरमीत कौर आदि मौजूद थे।
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ओमकारानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (ओआईएमटी) की ओर से आयोजित कार्यशाला में मेमोरी किंग प्रतीक यादव ने छात्र-छात्राओं को याददाश्त बढ़ाने के गुर सिखाए। मुनिकीरेती स्थित संस्थान परिसर में आयोजित कार्यशाला में मेमोरी चैंपियन प्रतीक यादव ने छात्र- छात्राओं को बड़ी से बड़ी संख्या, आंकड़े व अनगिनत नामों को चंद सेकेंड में याद करने की विधि बताई। उन्होंने विद्यार्थियों को मेमोरी तकनीक से जुड़े विभिन्न पहलुओं की तकनीकी की जानकारी दी। बताया कि मनुष्य के दिमाग में बड़ी से बड़ी संख्या व पुरानी से पुरानी बातों को उम्र भर याद रखने की क्षमता है, जिसे तकनीकी मदद से हर कोई अपनी मेमोरी में सुरक्षित रख सकता है।
बताया कि विद्यार्थियों के लिए यह तकनीक उनकी परीक्षाओं में मददगार साबित हो सकती है। बशर्ते इसके लिए दिमाग को एकाग्रचित रखा जाए। संस्थान के अध्यक्ष मोहित कुमार धस्माना ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं की बौद्घिक क्षमता को बढ़ाना है। इस अवसर पर भरत सिंह तोमर, राजुल दत्त, प्रमोद उनियाल, डॉ.. राजेश मनचंदा, नरेंद्र पंवार, विकास गैरोला, सचिन गर्ग, मनमोहन लखेड़ा, देवप्रिय दास, मुकेश शर्मा, अनिल रणाकोटी, नवीन द्विवेदी, अपूर्व त्रिवेदी, आम्रपाली, आलोक कुमार, नितिका अरोड़ा, गीता कैंतुरा, हेमलता गुप्ता, नुपुर रैना, हरमीत कौर आदि मौजूद थे।
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