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अवैध खनन रोकने को बनाई इकाई ही करा रही थी खनन

Thu, 12 Apr 2018 02:16 AM IST
Updated Thu, 12 Apr 2018 02:16 AM IST
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अवैध खनन रोकने को बनाई इकाई ही करा रही थी खनन
विनीत शर्मा/कालसी।
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चकराता वन प्रभाग के अंतर्गत रिजर्व फॅारेस्ट एरिया में अवैध खनन रोकने को बनाई गई विशेष इकाई ही खनन माफिया से मिलकर खनन करा रही थी। शिकायत मिलने पर विभाग की ओर से कराई गई जांच में इसकी पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर पर इकाई को भंग करने की तैयारी चल रही है। वहीं, इसकी भनक लगने पर इकाई में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों ने सियासी आकाओं की परिक्रमा शुरू कर दी है। उधर, यह मामला विभाग में चर्चा का विषय बना है।

वन प्रभाग अंतर्गत रिजर्व फॉरेस्ट एरिया में बड़े पैमाने पर अवैध खनन की शिकायत पर पांच साल पहले अवैध खनन रोकने को शासन स्तर से रेंज अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष खनन इकाई का गठन किया गया था। इकाई में रेंजाधिकारी अलावा एक डिप्टी रेंजर, दो फोरेस्टर, 5 फॉरेस्ट गार्ड, 2 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और दैनिक वनकर्मी शामिल है। इकाई को कालसी, जलालिया और रामपुर मंडी स्थित बैरियर पर चेकिंग कर और टोंस, यमुना नदी के घाटों पर छापेमारी कर अवैध खनन को रोकने की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन इकाई अपनी कार्यशैली को लेकर सवालों के घेरे में आ गई। इकाई पर खनन माफिया से मिलकर अवैध खनन कराने के आरोप लगने लगे। प्रमुख वन संरक्षक से लगातार ऐसी शिकायतों के बाद विभाग ने जांच के लिए दो टीमों का गठन किया। 16 मार्च को विशेष टीम ने कालसी भूमि संरक्षण वन प्रभाग के रेंजाधिकारी और एसडीएम विकासनगर के नेतृत्व में जलालिया बैरियर पर छापा मारा। यहां हिमाचल प्रदेश से अवैध रूप से लाई जा रही अवैध खनन सामग्री की फर्जी रवन्ने तैयार कर निकासी की जा रही थी। आरोप है कि खनन इकाई से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों ने एसडीएम और उनकी टीम से अभद्रता तक भी थी। दो ट्रक अवैध खनन के भी मौके से पकड़े गए थे। इसकी रिपोर्ट टीमों ने प्रमुख वन संरक्षक को दी थी। अब शासन स्तर पर इस इकाई को भंग करने की तैयारी चल रही है। खनन इकाई के भंग होने के बाद अवैध खनन को रोकने की जिम्मेदारी पूर्व की भांति रिवर रेंज के पास आ जाएगी। सूत्रों का कहना है कि इकाई में तैनात अधिकारी और कर्मी खनन माफिया से साठगांठ कर अवैध खनन से भरे वाहनों को पास कर देते थे। जिससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा था।
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कोट::
शासन स्तर पर खनन इकाई को भंग करने की तैयारी चल रही है। इसके बाद फिर से खनन को रोकने की जिम्मेदारी रिवर रेंज को सौंप दी जाएगी।
- दीपचंद आर्य, डीएफओ चकराता
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