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ओलावृष्टि से फसलों को पहुंचा नुकसान
Updated Wed, 11 Apr 2018 02:20 AM IST
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ब्यूूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
मौसम की बदली करवट के बीच मंगलवार को पहाड़ से लेकर मैदान तक हुई ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। दोपहर बाद मौसम की बदली रंगत के बीच क्षेत्र में करीब 15 मिनट तक बारिश के साथ भारी मात्रा में ओलावृष्टि हुई। जिससे खेतों में ओलो की सफेद चादर बिछ गई। फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान का अनुमान है।
ओलावृष्टि से पहाड़ी अंचलों में जहां आलू, टमाटर, प्याज, हरी मिर्च, गेहूं, जौ के साथ ही पूलम, आम, चुल्लू, अखरोट, नाशपाती की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं मैदानी इलाके में आम, लीची, गेहूं की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। मंगलवार को चकराता, दसऊ, गबेला, दोधा, हाजा, मलेथा, धारिया, कलेथा, गौना, साहिया, अलसी, ककाड़ी, विकासनगर, बरोटीवाला, पृथ्वीपुर, पश्चिमीवाला, नवाबगढ़, सेलाकुई, सहसपुर समेत 90 से अधिक गांवों में ओलावृष्टि हुई।
काश्तकार वीरेंद्र सिंह चौहान, दसबीर भारती, आनंद सिंह, राजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि काश्तकार बारिश की आस लगाए हुए थे। लेकिन ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फिर गया। खेतों में खड़ी फसल खराब हो गई। उन्होंने तहसील प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है। काश्तकारों का कहना है कि इन दिनों खेतों में गेहूं की फसल कटने के लिए तैयार खड़ी थी। ऐसे में ओलावृष्टि से बालियां पूरी तरह झड़ गई हैं। एसडीएम कालसी बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि मामले मे तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी गई है।
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दुकानदारों को भी उठाना पड़ा नुकसान
विकासनगर। ओलावृष्टि और बारिश से सेलाकुई में हाट बाजार लगाने वाले दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ा। मसाले, दालें और अन्य खाद्य पदार्थ बारिश में भीग कर खराब हो गई। इस पर हाटा बाजार के दुकानदारों ने तहसील प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है। ज्ञापन भेजने वालों में सत्येंद्र अग्रवाल, विनय अग्रवाल, मोहम्मद, इरशाद, नसीम, मनोज, नरेश, रामकुमार, ज्ञान सिंह, मनोज कुमार, विजय कुमार, संदीप कुमार, सोनू, गुलजार, सत्यवती, शीला देवी, राजेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार, शुभम, सौरभ अग्रवाल, सज्जाद अली आदि शामिल रहे।
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मौसम की बदली करवट के बीच मंगलवार को पहाड़ से लेकर मैदान तक हुई ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। दोपहर बाद मौसम की बदली रंगत के बीच क्षेत्र में करीब 15 मिनट तक बारिश के साथ भारी मात्रा में ओलावृष्टि हुई। जिससे खेतों में ओलो की सफेद चादर बिछ गई। फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान का अनुमान है।
ओलावृष्टि से पहाड़ी अंचलों में जहां आलू, टमाटर, प्याज, हरी मिर्च, गेहूं, जौ के साथ ही पूलम, आम, चुल्लू, अखरोट, नाशपाती की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं मैदानी इलाके में आम, लीची, गेहूं की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। मंगलवार को चकराता, दसऊ, गबेला, दोधा, हाजा, मलेथा, धारिया, कलेथा, गौना, साहिया, अलसी, ककाड़ी, विकासनगर, बरोटीवाला, पृथ्वीपुर, पश्चिमीवाला, नवाबगढ़, सेलाकुई, सहसपुर समेत 90 से अधिक गांवों में ओलावृष्टि हुई।
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काश्तकार वीरेंद्र सिंह चौहान, दसबीर भारती, आनंद सिंह, राजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि काश्तकार बारिश की आस लगाए हुए थे। लेकिन ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फिर गया। खेतों में खड़ी फसल खराब हो गई। उन्होंने तहसील प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है। काश्तकारों का कहना है कि इन दिनों खेतों में गेहूं की फसल कटने के लिए तैयार खड़ी थी। ऐसे में ओलावृष्टि से बालियां पूरी तरह झड़ गई हैं। एसडीएम कालसी बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि मामले मे तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी गई है।
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दुकानदारों को भी उठाना पड़ा नुकसान
विकासनगर। ओलावृष्टि और बारिश से सेलाकुई में हाट बाजार लगाने वाले दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ा। मसाले, दालें और अन्य खाद्य पदार्थ बारिश में भीग कर खराब हो गई। इस पर हाटा बाजार के दुकानदारों ने तहसील प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है। ज्ञापन भेजने वालों में सत्येंद्र अग्रवाल, विनय अग्रवाल, मोहम्मद, इरशाद, नसीम, मनोज, नरेश, रामकुमार, ज्ञान सिंह, मनोज कुमार, विजय कुमार, संदीप कुमार, सोनू, गुलजार, सत्यवती, शीला देवी, राजेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार, शुभम, सौरभ अग्रवाल, सज्जाद अली आदि शामिल रहे।