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बाढ़ से खतरे की जद में हेंवलघाटी के कई गांव
Updated Fri, 06 Apr 2018 02:04 AM IST
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ऋषिकेश/ब्यूरो। वर्ष 2014 में हेंवल नदी में आई बाढ़ से हुई भारी तबाही के बाद भी सिंचाई विभाग अभी तक गांवों व ग्रामीणों के खेतों की सुरक्षा के लिए तटबंध निर्माण नहीं करा पाया है। ऐसे में यदि इस साल बरसात में हेंवल में बाढ़ आई तो नदी तटीय इलाकों के कई गांव खतरे में पड़ सकते हैं। चार साल पूर्व अगस्त माह में हेंवल नदी में आई बाढ़ के कारण नदी किनारे बसे फूलचट्टी, रत्तापानी, घट्टूगाड़, पसतोड़ा, महादेवसैंण, बैरागढ़, मोहनचट्टी आदि इलाकों में कई ग्रामीणों के भवन क्षतिग्रस्त हो गए थे, जबकि कई कास्तकारों के खेत बाढ़ में बह गए थे।
चार साल बीत जाने के बाद भी सिंचाई विभाग अभी तक तटीय इलाकों की सुरक्षा के लिए तटबंधों का निर्माण नहीं करा पाया है। ऐसे में आने वाली बरसात में नदी का जलस्तर तो घट्टूगाड़, पसतोड़ा, रत्तापानी, फूलचट्टी, महादेवसैंण क्षेत्र में काफी नुकसान हो सकता है। इसको लेकर आशंकित लोग लगातार सिंचाई विभाग से नदी किनारे सुरक्षा तटबंध बनाने की मांग करते आ रहे हैं, मगर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही।
ग्रामीण कई बार लगा चुके हैं गुहार
फूलचट्टी के रविंद्र सिंह नेगी, रत्तापानी निवासी राजेश सिंह नेगी, एसएस राणा, घट्टूगाड़ के रविंद्र सिंह रावत, पसतोड़ा के बीरबल सिंह का कहना है कि आपदा के समय हेंवल नदी के किनारे कई लोगों की सैकड़ों नाली खेती योग्य भूमि बह गई थी। उन्होंने आशंका जताई कि तटबंध का निर्माण नहीं होने से यदि बरसात में बाढ़ आई तो उनके आवासीय भवनों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने बताया कि विभाग से कई दफा बाढ़ सुरक्षात्मक उपायों की मांग की जा चुकी है, मगर महकमा लगातार लापरवाह बना हुआ है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
हेंवल घाटी में बाढ़ सुरक्षा तटबंध को लेकर जल्द प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। इस बाबत जल्द क्षेत्र का जायजा लिया जाएगा। इसके बाद गांवों की सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम किए जाएंगे।
--सुधीर मोहन, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड, लैंसडौंन दुगड्डा।
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चार साल बीत जाने के बाद भी सिंचाई विभाग अभी तक तटीय इलाकों की सुरक्षा के लिए तटबंधों का निर्माण नहीं करा पाया है। ऐसे में आने वाली बरसात में नदी का जलस्तर तो घट्टूगाड़, पसतोड़ा, रत्तापानी, फूलचट्टी, महादेवसैंण क्षेत्र में काफी नुकसान हो सकता है। इसको लेकर आशंकित लोग लगातार सिंचाई विभाग से नदी किनारे सुरक्षा तटबंध बनाने की मांग करते आ रहे हैं, मगर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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ग्रामीण कई बार लगा चुके हैं गुहार
फूलचट्टी के रविंद्र सिंह नेगी, रत्तापानी निवासी राजेश सिंह नेगी, एसएस राणा, घट्टूगाड़ के रविंद्र सिंह रावत, पसतोड़ा के बीरबल सिंह का कहना है कि आपदा के समय हेंवल नदी के किनारे कई लोगों की सैकड़ों नाली खेती योग्य भूमि बह गई थी। उन्होंने आशंका जताई कि तटबंध का निर्माण नहीं होने से यदि बरसात में बाढ़ आई तो उनके आवासीय भवनों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने बताया कि विभाग से कई दफा बाढ़ सुरक्षात्मक उपायों की मांग की जा चुकी है, मगर महकमा लगातार लापरवाह बना हुआ है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
हेंवल घाटी में बाढ़ सुरक्षा तटबंध को लेकर जल्द प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। इस बाबत जल्द क्षेत्र का जायजा लिया जाएगा। इसके बाद गांवों की सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम किए जाएंगे।
--सुधीर मोहन, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड, लैंसडौंन दुगड्डा।