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भूमि न मिलने से लटका एम्स का विस्तारीकरण

Wed, 04 Apr 2018 02:07 AM IST
Updated Wed, 04 Apr 2018 02:07 AM IST
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भूमि न मिलने से लटका एम्स का विस्तारीकरण
ब्यूरो/ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश परियोजना के विस्तारीकरण के लिए सरकार से भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिसके कारण संस्थान का विस्तारीकरण अटक गया है। जबकि एम्स परियोजना के तहत अभी कई महत्वपूर्ण संस्थानों का निर्माण किया जाना बाकी है। एम्स प्रशासन वर्ष 2012 से अब तक लगातार केंद्र व राज्य सरकार को माह दर माह 200 एकड़ अतिरिक्त भूमि की मांग का रिमाइंडर भेज रहा है, मगर सरकार से इसका कोई जवाब नहीं मिलता। ऐसे में ऋषिकेश में संपूर्ण एम्स परियोजना के बनने की संभावनाएं फिलहाल गर्त में जाती नजर आ रही हैं।
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तीर्थनगरी ऋषिकेश में एक हजार करोड़ की प्रारंभिक लागत वाली एम्स परियोजना की शिला 300 एकड़ भूमि की डिमांड के सापेक्ष 101 एकड़ भूमि पर 2004 में रखी गई थी, मगर परियोजना का विधिवत निर्माण कार्य 2008-09 में शुरू हो पाया। दशक भर बाद भी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थानीय शाखा को संपूर्ण परियोजना के लिए राज्य व केंद्र सरकार मांग के अनुरूप पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं करा पाई है। जिससे एम्स का विस्तारीकरण अटक गया है।
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इन संस्थानों का होना है निर्माण
ऋषिकेश। एम्स प्रशासन संस्थान को कई अहम संस्थानों का निर्माण होना अभी बाकी है, जिसके लिए सरकार से 200 एकड़ भूमि की मांग की जा रही है। बताया गया कि भूमि उपलब्ध होने पर न्यूरो सेंटर, ट्रांसप्लांट सेंटर, फेफड़ा केंद्र, इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल सेंटर, नर्सेस हॉस्टल, एडवांस आई सेंटर, इंस्टीट्यूट ऑफ ओमैन वैलफेयर सेंटर, कैंसर केंद्र, वेलनेस क्लीनिक, कॉर्डियक सेंटर, किडनी सेंटर, लीवर सेंटर, तीमारदारों के लिए रैन बसेरा, टाइप 6 व 7 क्वार्टर, स्टाफ क्वार्टर, पार्किंग, हौव्बी सेंटर, पुलिस चौकी, फायर चौकी आदि कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाने हैं।
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कोट्स
संस्थान को संपूर्ण एम्स की स्थापना के लिए 200 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार को लगातार रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं, जिसमें केंद्र सरकार से खासतौर पर आईडीपीएल की खाली पड़ी भूमि की मांग भी की गई है। भूमि उपलब्ध होती है तो कई अहम संस्थानों का निर्माण किया जाएगा, जिससे लोगों को उपचार के लिए दूसरे स्वास्थ्य संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़े।
-- प्रोफेसर डॉ. रवि कांत, निदेशक एम्स ऋषिकेश।
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