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चंद्रभागा नदी किनारे संचालित हो रहे 37 टुल्लू पंप
Updated Mon, 02 Apr 2018 01:32 AM IST
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ब्यूरो/ऋषिकेश। वन विभाग की लापरवाही के चलते चंद्रभागा नदी के किनारे वन भूमि पर दर्जनों अवैध टुल्लू पंप संचालित किए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से भूमिगत जलस्रोत का दोहन करने वालों पर विभागीय अधिकारी कार्रवाई की बजाए दरियादिली दिखा रहे हैं। चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड के समीप चंद्रभाग नदी के किनारे वन विभाग की भूमि पर वर्षों से करीब 37 अवैध टुल्लू पंप संचालित हो रहे हैं। भूमिगत जल के अवैध दोहन को रोकने के लिए अप्रैल 2017 में वन विभाग ने जेसीबी चलाकर अनाधिकृत तौर पर संचालित करीब 26 अवैध टुल्लू पंप उखाड़ कर उन्हें जब्त कर लिए थे।
इसके बाद टुल्लू पंप संचालकों पर विभाग ने 55 हजार का जुर्माना लगाया था। इसके बाद फिर से स्थानीय सफेदपोशों व रसूखदारों के संरक्षण में वन भूूमि पर दोबारा पहले से भी अधिक टुल्लू पंप स्थापित हो गए हैं, जिनसे बेरोकटोक वाहनों की धुलाई की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक शहर के कई रसूखदारों के दबाव में विभागीय अधिकारी अनाधिकृत तौर पर संचालित टुल्लू पंप संचालकों पर कार्रवाई करने से बच रहे हैं। यही वजह है कि वन भूमि पर गत वर्ष की गई कार्रवाई के बाद यहां टुुल्लू पंपों की संख्या में और अधिक इजाफा होने के बावजूद महकमा चुप्पी साधे हुए है।
कोट्स
मामला संज्ञान में है। वन विभाग की जमीन पर अवैध टुल्लू पंपों को हटाने की कार्रवाई पूर्व में भी हो चुकी है। जल्द अवैध टुल्लू पंपों को वन विभाग की भूमि से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
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- आरपीएस नेगी, वनक्षेत्राधिकारी ऋषिकेश।
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इसके बाद टुल्लू पंप संचालकों पर विभाग ने 55 हजार का जुर्माना लगाया था। इसके बाद फिर से स्थानीय सफेदपोशों व रसूखदारों के संरक्षण में वन भूूमि पर दोबारा पहले से भी अधिक टुल्लू पंप स्थापित हो गए हैं, जिनसे बेरोकटोक वाहनों की धुलाई की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक शहर के कई रसूखदारों के दबाव में विभागीय अधिकारी अनाधिकृत तौर पर संचालित टुल्लू पंप संचालकों पर कार्रवाई करने से बच रहे हैं। यही वजह है कि वन भूमि पर गत वर्ष की गई कार्रवाई के बाद यहां टुुल्लू पंपों की संख्या में और अधिक इजाफा होने के बावजूद महकमा चुप्पी साधे हुए है।
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मामला संज्ञान में है। वन विभाग की जमीन पर अवैध टुल्लू पंपों को हटाने की कार्रवाई पूर्व में भी हो चुकी है। जल्द अवैध टुल्लू पंपों को वन विभाग की भूमि से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
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- आरपीएस नेगी, वनक्षेत्राधिकारी ऋषिकेश।