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विधायक ने दिया आश्वासन, सीएम से कराएंगे वार्ता
Updated Sat, 24 Mar 2018 10:40 PM IST
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गैरसैैंण। स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर रामलीला मैदान में 109 दिनों से आंदोलन कर रहे आंदोलनकारियों से वार्ता करने पहली बार सरकार की ओर द्वाराहाट के विधायक पहुंचे। करीब आधा घंटे तक विधायक महेश नेगी ने आंदोलनकारियों से वार्ता की और जल्द सीएम से वार्ता कराने का आश्वासन दिया, लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने। उन्होंने विधायक से प्रदेश की स्थायी राजधानी को लेकर सवाल किया लेकिन विधायक इसका जवाब नहीं दे पाए। आंदोलनकारियों ने गैरसैंण को प्रदेश की स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग की। इस बीच राजधानी की मांग को लेकर संघर्ष समिति के रणजीत शाह और महावीर सिंह का आमरण अनशन दसवें दिन शनिवार को भी जारी रहा।
शनिवार दोपहर करीब तीन बजे द्वाराहाट के विधायक महेश नेगी आंदोलनस्थल रामलीला मैदान पहुंचे। स्थायी निर्माण संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष चारु तिवारी, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पीसी तिवारी, सल्ट के नारायण सिंह, चौखुटिया के पूरन सिंह सहित आंदोलनकारी प्रवीण सिंह और अन्य ने विधायक से सरकार से आंदोलन की उपेक्षा की शिकायत की। विधायक महेश नेगी ने कहा कि गैरसैंण राजधानी होनी चाहिए, चाहे वह ग्रीष्मकालीन हो या स्थायी। आंदोलनकारियों ने स्थायी राजधानी घोषित करने की बात कही। अनशन के समर्थन में थराली के पूर्व विधायक डा. जीतराम टम्टा, पूरन मेहरान, नंदन नेगी, नरेद्र सिंह, नेत्र सिंह गुं्साईं, विनोद सिंह पंवार, देवेंद्र सिह बल्ली आदि ने धरना दिया। इस दौरान संघर्ष समिति के कृष्णा नेगी, सरोज शाह, कमला पंवार, मंजू विष्ट, सुरेंद्र रावत, राज्य आंदोलनकारी धूमा देवी, खिमुली देवी, जसवंत, दीपा, वीरेंद्र जोशी, नंदन सिंह नेगी, वीरेंद्र और नरेंद्र नेगी समेत कई लोग मौजूद थे।
...सरकार समझती रही कांग्रेस का आंदोलन
रामलीला मैदान गैरसैंण में 109 दिनों से स्थायी राजधानी को लेकर चल रहे इस आंदोलन में सरकार ने इसलिए दिलचस्पी नहीं ली कि सरकार अब तक इसे कांग्रेस का आंदोलन समझती रही। यह बात द्वाराहाट के विधायक महेश नेगी ने आंदोलन स्थल पर कही। नेगी ने कहा कि आज आंदोलनस्थल पर कई अन्य दलों और लोगों को देख यह दुविधा दूर हो गई है।
शनिवार दोपहर करीब तीन बजे द्वाराहाट के विधायक महेश नेगी आंदोलनस्थल रामलीला मैदान पहुंचे। स्थायी निर्माण संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष चारु तिवारी, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पीसी तिवारी, सल्ट के नारायण सिंह, चौखुटिया के पूरन सिंह सहित आंदोलनकारी प्रवीण सिंह और अन्य ने विधायक से सरकार से आंदोलन की उपेक्षा की शिकायत की। विधायक महेश नेगी ने कहा कि गैरसैंण राजधानी होनी चाहिए, चाहे वह ग्रीष्मकालीन हो या स्थायी। आंदोलनकारियों ने स्थायी राजधानी घोषित करने की बात कही। अनशन के समर्थन में थराली के पूर्व विधायक डा. जीतराम टम्टा, पूरन मेहरान, नंदन नेगी, नरेद्र सिंह, नेत्र सिंह गुं्साईं, विनोद सिंह पंवार, देवेंद्र सिह बल्ली आदि ने धरना दिया। इस दौरान संघर्ष समिति के कृष्णा नेगी, सरोज शाह, कमला पंवार, मंजू विष्ट, सुरेंद्र रावत, राज्य आंदोलनकारी धूमा देवी, खिमुली देवी, जसवंत, दीपा, वीरेंद्र जोशी, नंदन सिंह नेगी, वीरेंद्र और नरेंद्र नेगी समेत कई लोग मौजूद थे।
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...सरकार समझती रही कांग्रेस का आंदोलन
रामलीला मैदान गैरसैंण में 109 दिनों से स्थायी राजधानी को लेकर चल रहे इस आंदोलन में सरकार ने इसलिए दिलचस्पी नहीं ली कि सरकार अब तक इसे कांग्रेस का आंदोलन समझती रही। यह बात द्वाराहाट के विधायक महेश नेगी ने आंदोलन स्थल पर कही। नेगी ने कहा कि आज आंदोलनस्थल पर कई अन्य दलों और लोगों को देख यह दुविधा दूर हो गई है।
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