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तीन महीने से रैबीज इंजेक्शन के लिए भटक रहे मरीज
Updated Fri, 23 Mar 2018 01:43 AM IST
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ब्यूरो/ऋषिकेश। एसपीएस राजकीय चिकित्सालय महज शोपीस बनकर रह गया है। राज्य सरकार व स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही से अस्पताल में गंभीर रोगों का तो दूर सामान्य रोगों का उपचार भी ठीक से नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में पर्याप्त दवा व इंजेक्शन की उपलब्धता नहीं होने से लोगों को बाजार से दवा व इंजेक्शन खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस मामले में अस्पताल प्रशासन उदासीन बना हुआ है।
अस्पताल में करीब तीन महीने से कुत्ते के काटने (एंटी रैबीज) इंजेक्शन नहीं है। लिहाजा हर रोज 10 से 15 पीड़ित लोगों को यहां से बिना इंजेक्शन के मायूस लौटना पड़ रहा है। कुत्ते के काटने पर संक्रमण से बचने के लिए उपचार कराने अस्पताल आने वाले रोगियों को रैबीज का इंजेक्शन नहीं होने की बात कहकर चिकित्सक बैरंग लौटा रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश ने बताया कि ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें संक्रमण से बचने के लिए किसी से पैसे उधार लेकर इंजेक्शन खरीदकर लाना पड़ रहा है। उन्होंने इस मामले में अस्पताल प्रशासन पर रोगियों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
वास्तव में अस्पताल में रैबीज इंजेक्शन की कमी बनी हुई है, जिससे रोगियों को परेशान होना पड़ रहा है। हम सरकारी दाम पर इसे खुले बाजार से खरीदने के प्रयास में थे मगर उपलब्ध नहीं हो पाया। लिहाजा जिलाधिकारी के स्तर से इसकी अप्रुवल ले ली गई है। सप्ताह भर में इंजेक्शन खरीदकर अस्पताल में उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
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- डॉ. एनएस तोमर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश।
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अस्पताल में करीब तीन महीने से कुत्ते के काटने (एंटी रैबीज) इंजेक्शन नहीं है। लिहाजा हर रोज 10 से 15 पीड़ित लोगों को यहां से बिना इंजेक्शन के मायूस लौटना पड़ रहा है। कुत्ते के काटने पर संक्रमण से बचने के लिए उपचार कराने अस्पताल आने वाले रोगियों को रैबीज का इंजेक्शन नहीं होने की बात कहकर चिकित्सक बैरंग लौटा रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश ने बताया कि ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें संक्रमण से बचने के लिए किसी से पैसे उधार लेकर इंजेक्शन खरीदकर लाना पड़ रहा है। उन्होंने इस मामले में अस्पताल प्रशासन पर रोगियों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
वास्तव में अस्पताल में रैबीज इंजेक्शन की कमी बनी हुई है, जिससे रोगियों को परेशान होना पड़ रहा है। हम सरकारी दाम पर इसे खुले बाजार से खरीदने के प्रयास में थे मगर उपलब्ध नहीं हो पाया। लिहाजा जिलाधिकारी के स्तर से इसकी अप्रुवल ले ली गई है। सप्ताह भर में इंजेक्शन खरीदकर अस्पताल में उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
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- डॉ. एनएस तोमर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश।