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गेंहू की फसल के लिए वरदान बनी बारिश
Updated Thu, 22 Mar 2018 01:32 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/डोईवाला।
पर्याप्त सिंचाई के अभाव में सूख रही गेहूं समेत अन्य रबी फसलों पर पानी अमृत बनकर बरसा। बारिश से गेहूं और गन्ने की फसल को लाभ मिलेगा। वहीं, ओलावृष्टि से क्षेत्र के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इससे लोगों को एक बार फिर से ऊनी वस्त्र निकालने पड़ गए।
बुधवार तड़के सुबह से ही मौसम करवट ले चुका था। करीब 10 बजे से तेज बारिश आने के साथ ओलावृष्टि हुई। किसानों के अनुसार दिनभर कई बार रुक रुककर बारिश से खेतों में तैयार हो रही गेहूं और गन्ने की फसल में नई जान आ गई है। डोईवाला परिक्षेत्र के मारखम ग्रांट, खैरी, बुल्लावाला, झबरावाला, चांदमारी, कुड़कावाला, दूधली के अलावा माजरी, जौलीग्रांट, रानीपोखरी आदि में भी किसान सर्वाधिक गेहूं की बुवाई करते हैं। इन दिनों पर्याप्त सिंचाई नहीं होने से काफी परेशान थी। प्रेमनगर बाजार क्षेत्र के किसान रामू ने बताया कि छोटे भूखंडों वाले कृषि क्षेत्र में बारिश के पानी से ही सिंचाई होती है। जिन क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी नहीं पहुंच पाता है। वहां बारिश पर ही किसान निर्भर है। बुधवार को हुई बारिश से काफी राहत मिली है।
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पर्याप्त सिंचाई के अभाव में सूख रही गेहूं समेत अन्य रबी फसलों पर पानी अमृत बनकर बरसा। बारिश से गेहूं और गन्ने की फसल को लाभ मिलेगा। वहीं, ओलावृष्टि से क्षेत्र के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इससे लोगों को एक बार फिर से ऊनी वस्त्र निकालने पड़ गए।
बुधवार तड़के सुबह से ही मौसम करवट ले चुका था। करीब 10 बजे से तेज बारिश आने के साथ ओलावृष्टि हुई। किसानों के अनुसार दिनभर कई बार रुक रुककर बारिश से खेतों में तैयार हो रही गेहूं और गन्ने की फसल में नई जान आ गई है। डोईवाला परिक्षेत्र के मारखम ग्रांट, खैरी, बुल्लावाला, झबरावाला, चांदमारी, कुड़कावाला, दूधली के अलावा माजरी, जौलीग्रांट, रानीपोखरी आदि में भी किसान सर्वाधिक गेहूं की बुवाई करते हैं। इन दिनों पर्याप्त सिंचाई नहीं होने से काफी परेशान थी। प्रेमनगर बाजार क्षेत्र के किसान रामू ने बताया कि छोटे भूखंडों वाले कृषि क्षेत्र में बारिश के पानी से ही सिंचाई होती है। जिन क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी नहीं पहुंच पाता है। वहां बारिश पर ही किसान निर्भर है। बुधवार को हुई बारिश से काफी राहत मिली है।
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